गांधी प्रतिमा पर ताला, बारिश में भी सपा का प्रदर्शन

एसीपी को सौंपा ज्ञापन

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

कानपुर। समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 11 बजे फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर देश में बढ़ती दमनकारी नीतियों, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा कानपुर शहर की बदहाल व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही गांधी प्रतिमा का गेट बंद कर उस पर ताला लगा दिया, जिससे कार्यकर्ताओं को धरना देने से रोकने का प्रयास किया गया।

इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मूसलाधार बारिश में भीगते हुए मौके पर डटे रहे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के उपरांत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के नेतृत्व में एसीपी कोतवाली श्री अमित कुमार पांडेय को ज्ञापन सौंपकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई रोकने, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा कानपुर शहर की ज्वलंत जनसमस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग की।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष के चलते रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। वहीं नीट और यूजीसी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन हटाया गया और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि संसद मार्च कर रहे छात्र-छात्राओं पर भी लाठीचार्ज कर केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया है। समाजवादी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है और छात्रों की आवाज को दबाने के हर प्रयास का विरोध जारी रखेगी।

हाजी फजल महमूद ने कहा कि कानपुर नगर की हालत भी बेहद चिंताजनक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के नाम पर पूरे शहर की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे बारिश में सड़कें दलदल में तब्दील हो गई हैं और लोग रोजाना दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। जाजमऊ स्थित केडीए मार्केट सहित कई बाजारों का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, भीषण ट्रैफिक जाम, कूड़े के ढेर, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा, अघोषित बिजली कटौती, जर्जर बिजली के पोल तथा खुदाई के दौरान टूटी पेयजल पाइपलाइनें शहरवासियों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर की जनता टैक्स देने के बावजूद नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें