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सींखचों में सिसक रहीं हैं अपने सुहाग की खूनी विवाहिताएं
सबके भीतर जेल से बाहर आने की छटपटाहट है लेकिन भविष्य खत्म हो जाने का अहसास भी है।
मनोज कुमार अग्रवाल
देश की बहुत सारी जेलों में अंधी वासना अवैध संबंध के चलते अपना सुहाग को उजाड़ने वाली कुलटाएं अपने कृत्यों के लिए दिनरात त्रासदी भुगत रहीं हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला जेल में ही पिछले कुछ महीनों में सामने आए अवैध रिश्तों के ताने बाने में फंसकर अपने ही हाथों से अपने सुहाग को कत्ल कर जीवन को नरक में धकेलने की की कहानी दबी पड़ी हैं । हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम उत्तर प्रदेश के मेरठ चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए में छह महिलाएं भी बंद हैं, जिन्होंने पराए संबंधों के मोह में अपने ही परिवार के खिलाफ घातक षड्यंत्र रच डाला। पांच जहां पति की हत्या की गुनहगार हैं, छठी ने अपनी कोख से जन्मे बेटे को ही मरवा दिया।
यूपी की सबसे पुरानी जेलों में शुमार मेरठ की जिला जेल में फिलहाल 67 महिला बंदी हैं, जिन्हें बैरक 12ए और 12बी में रखा गया है। पति को सांप से डसवाकर मरवाने वाली दामिनी को भी इसी बैरक में मुस्कान, अंजलि, रविता, कोमल और गुरप्रीत के साथ रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार दामिनी फिलहाल किसी से बातचीत नहीं कर रही है। उसकी काउंसलिंग की तैयारी है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा बताते हैं कि इन महिलाओं को एक ही बैरक में रखने का उद्देश्य यह है कि वे एक-दूसरे का सहारा बन सकें। अधिकांश को अपने किए पर पछतावा है।इन सबके भीतर जेल से बाहर आने की छटपटाहट है लेकिन भविष्य खत्म हो जाने का अहसास भी है।
इन पति हंता महिलाओं से जब परिवार वाले बच्चों के साथ मिलने आते हैं तो उनका भावनात्मक संतुलन टूट जाता है। ऐसे समय में वे एक-दूसरे से कहती भी हैं कि उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी , जो खुद ही अपनी गृहस्थी उजाड़ ली। सुबह सुंदरकांड के पाठ के बाद मुस्कान अपनी बेटी के साथ समय बिताती है, जबकि अंजलि, गुरुप्रीत, रविता और कोमल सिलाई-कढ़ाई में खुद को व्यस्त रखती हैं। आपको बता दें मुस्कान रस्तोगी का नीला ड्रम कांड हो अथवा रविता और दामिनी..। सभी ने पति के रहते भी दूसरे युवकों से आशिकी का चक्कर चलाया प्यार के चक्कर में अपने पति का काम तमाम कर अपराध की अंधी राह पर जाकर खून से अपने हाथ रंग लिए। संगीता, अंजलि, कोमल और कविता की भी यही कहानी है।
पति से भावनात्मक और जिस्मानी पूर्ति के बावजूद ये दूसरे आशिकों के साथ रंगरलियां मनाने की वासना भरी चाहत में ऐसी भटकी कि कुछ महिलाओं ने अपने ही सुहाग को मौत के घाट उतार दिया तो एक ने बेटे को ही मार दिया। जिन सपनों के लिए उन्होंने यह खतरनाक रास्ता अख्तियार किया, वे टूट चुके हैं। जेल में कोई सिलाई-कढ़ाई सीख रही तो कोई बच्चों को पढ़ा रही है।हर सुबह जेल में बजने वाले सुंदरकांड को सुन कर मन की शांति पाने की कोशिश करती है। जाने-अनजाने उन्होंने यह कदम उठा तो लिया लेकिन सलाखों के पीछे अब सिर्फ दर्द है, पछतावा है और बेबस सिसकियां भी।
आपको पता होगा तीन मार्च 2025 की रात को ब्रह्मपुरी की रहने वाली मुस्कान रस्तागी ने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। ड्रम के अंदर सीमेंट से शव को जमा दिया था। मुस्कान और साहिल अभी भी जेल की सलाखों के पीछे है। दोनों के मुकदमे में जल्द ही निर्णय भी आने वाला है। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव अगवानपुर निवासी 28 वर्षीय राहुल से अंजलि के तीन बेटे हैं। इसके बावजूद अंजलि का दिल पड़ोसी अजय पर आ गया। राहुल खेती बाड़ी व पशुपालन करता था, जबकि अजय आवारा किस्म का था और मौजमस्ती करता था। अजय ही अंजलि को रास्ते में से पिकअप कर लेकर होटल पहुंच जाता था। राहुल इसका विरोध करता था। एक नंवबर 2025 रात आठ बजे अंजलि ने काल कर राहुल को गांव के बाहर मंदिर पर बुलाया। वहां पर अजय भी आ गया। तब अजय ने राहुल की तीन गोली मारकर हत्या कर दी।
मेरठ के बहसूमा के अकबरपुर सादात ने रविता ने 17 अप्रैल 2025 को प्रेमी प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की गला दबाकर हत्या कराई। उसके बाद सांप खरीद कर अमित के बिस्तर पर छोड़ दिया। उसके बाद सांप से काटने का नाटक रच दिया। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या आने के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को जेल भेज दिया। दोनों फिलहाल जेल में बंद है। वहीं चार अप्रैल को मेरठ जिला के परीक्षितगढ़ के अगवानपुर निवासी बीएसएफ जवान नैन सिंह की हत्या का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पत्नी को और मौसी के बेटे गुलशन समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। कोमल ने बहन के मंगेतर गुलशन के साथ मिलकर हत्या की पूरी पटकथा रची थी। छह लाख की सुपारी के लिए अपने आभूषण गिरवी रखकर रकम जुटाई थी। मोबाइल कॉल डिटेल से ही पुलिस गुलशन तक पहुंची थी।
मेरठ की ही युवती गुरप्रीत ने तो प्रेमी के चक्कर में फंसकर अपनी कोख को ही उजाड़ दिया है। 17 जून को मेरठ जिला के बहसूमा के सैफपुर फिरोजपुर निवासी गुरुप्रीत कौर ने प्रेमी मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी अर्पित पराशर के साथ मिलकर सात साले के बेटे अंगदवीर की हस्तिनापुर ले जाकर हत्या करा दी। महिला पौने दो साल से पति से अलग रह रही थी, बेटे की हत्या से चार दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। गुरुप्रीत और अर्पित पराशर भी जेल में है। 23 जून 2025 को मेरठ के जानी खुर्द के किसान सुभाष की हत्या उसकी पत्नी कविता और छोटी बेटी सोनम ने अपने प्रेमियों के साथ मिलकर कराई थी। बेटी के प्रेमी विपिन ने दोस्त अजगर उर्फ शिवम के साथ गोली मारकर हत्या की थी। मां बेटी समेत पांच आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया। कविता और सोनम जमानत पर जेल से छूट चुकी है।
28 फरवरी 2025 को जानी के गांव कुसैड़ी निवासी लोडर ऑपरेटर अजय कुमार की हत्या उसकी पत्नी संगीता ने ही प्रेमी अवनीश निवासी गाजियाबाद के संग मिलकर की है। अजय कुमार उर्फ बिटटू ताऊ के बेटे की शादी समारोह में शामिल होने के बाद लौट रहा था। तब रास्ते में अवनीश ने ईंट से कुचलकर मार डाला। संगीता जमानत पर जेल से छूट चुकी है। यह समय की गति है या कलियुग का प्रभाव कि यूपी ही नहीं देश भर में प्रेम त्रिकोण विवाहेत्तर संबंध अंधी वासना और अवैध सम्बन्धों के चलते कई सौ विवाहिता युवतियां जेल की चारदीवारी में शून्य हो चुके भविष्य को तलाश रहीं हैं। कुछ तो जेल से बाहर निकल कर कहां ठिकाना होगा यह भी नहीं जानती क्योंकि उनके अपराध के कारण सामाजिक जिल्लत झेल रहे उनके मा बाप परिवार ने भी उनसे किनारा कर लिया है।
सवाल फिर वही है ऐसा क्या है जो मुस्कान रविता गुलशन संगीता अंजली को उनके साथ सात फेरे लेने वाले पति नहीं दे पाए। संस्कार की कमी अवैध सम्बन्ध और विवाहेत्तर वासना की अंधी सुरंग हजारों विवाहित कपल्स के जीवन को कलंकित कर रही है। हमारे गौरवशाली समाज और संस्कृति में यौन शुचिता का विचार रहा है यही विचार है कि हिन्दुस्तान की नारी शक्ति का विश्व भर में विश्वास और सम्मान रहा है लेकिन पिछले एक दशक में भारतीय नारी समाज को कथित प्रगतिशीलता पुरुष समानता और स्वतंत्र जीवन शैली के नाम पर यौन स्वछंदता और अमर्यादित जीवन की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही है नेटफलिक्स होट स्टार तमाम मीडिया पर भारतीय महिलाओं को कथित आधुनिकता के नाम पर अवैध सम्बन्धों वाले स्वछंद जीवन शैली की और प्रेरित किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि हजारों जीवन अपने राह से उतर कर अंधेरी सुरंग में जीवन का स्वर्णिम समय देने के लिए मजबूर हैं।
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