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क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर कार्रवाई, फिर भी नहीं थम रहा अवैध खनन का खेल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण सरकारी सड़कें, नहर की पटरी तथा चक मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
उन्नाव।
जिले के सोहरामऊ और अजगैन क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। बीती रात सोहरामऊ थाना क्षेत्र के गोआमापुर और चिलौली गांव में कथित अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए सात डंपरों का चालान किया। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, माखी थाना क्षेत्र की ओर भी मिट्टी खनन जारी रहने की शिकायतें मिली हैं। वहीं सुबह थाना पुलिस ने बिना वैध रॉयल्टी के संचालन के संदेह में तीन डंपरों को रोककर जांच की। जांच के दौरान चालकों द्वारा प्रस्तुत रॉयल्टी पर्चियों की वैधता अवधि समाप्त पाई गई, जिसके बाद राजस्व चोरी और खनन नियमों के उल्लंघन की आशंका को लेकर मामला चर्चा का विषय बन गया।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण सरकारी सड़कें, नहर की पटरी तथा चक मार्ग तेजी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की भूमि और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पाली, माखी सहित कई इलाकों में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अवैध खनन से जुड़े मामलों में कुछ राजस्व कर्मियों की भूमिका पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि खनन माफिया की गतिविधियों के चलते पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित विभागों द्वारा निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई आवश्यक होगी, ताकि राजस्व की चोरी पर रोक लग सके तथा पर्यावरण और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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