बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की मांग को मिला जनसमर्थन, श्रीभूमि में 300 से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर।

स्थायी हाईकोर्ट बेंच के लिए बराक घाटी में तेज हुई मुहिम, श्रीभूमि की जनसभा में उठी न्याय की मजबूत आवाज

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श्रीभूमि असम संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : 
 
असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की मांग के समर्थन में आज 27 जून शनिवार को श्रीभूमि जिले के बिपिन पाल स्मृति भवन में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता सभा आयोजित की गई। रवींद्र सदन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सब्यसाची राय की पहल पर आयोजित इस बैठक में बराक घाटी में स्थायी हाईकोर्ट बेंच की संवैधानिक आवश्यकता, न्याय तक समान पहुंच तथा इस मांग को एक संगठित जनआंदोलन का रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
 
बैठक की शुरुआत हाईकोर्ट बेंच मांग कार्यान्वयन समिति के महासचिव निखिल पाल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए डॉ. सब्यसाची राय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही इस न्यायसंगत मांग को पूरा करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता सभाएं जनमत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
 
सभा में पूर्व सांसद मिशन रंजन दास, करीमगंज महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य राधिका रंजन चक्रवर्ती, बंग साहित्य एवं संस्कृति सम्मेलन की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष सतु राय, सांस्कृतिक हस्ती सुलेखा दत्त चौधरी, प्रोफेसर विश्वतोष चौधरी, शिक्षाविद विभाष देव, महासचिव निखिल पाल, रसराज दास, धर्मानंद देव, अधिवक्ता देवोमिता चक्रवर्ती, अधिवक्ता तुहिना शर्मा, अधिवक्ता दुर्गा पुरकायस्थ, अधिवक्ता अर्चना दत्त सहित जिले के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और नाट्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया।
 
वक्ताओं ने कहा कि बराक घाटी के लाखों लोगों को न्याय के लिए गुवाहाटी तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जो अत्यंत महंगा, समय लेने वाला और कठिन है। आर्थिक तथा भौगोलिक बाधाओं के कारण अनेक लोग प्रभावी रूप से न्याय प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए बराक घाटी के किसी उपयुक्त स्थान पर गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना समय की मांग है और यह संविधान में निहित समानता एवं न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है।
 
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई क्षेत्रीय या राजनीतिक मांग नहीं है, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक न्याय के अधिकार को सुनिश्चित करने की एक उचित मांग है। इस मांग को बराक घाटी के सभी वर्गों का व्यापक समर्थन प्राप्त है और सरकार तथा संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने की अपील की गई।
 
सभा के अंत में गुवाहाटी हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 300 से अधिक नागरिकों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। यह इस मांग के प्रति जनता के व्यापक समर्थन का प्रमाण माना गया।
 
बैठक में सर्वसम्मति से बराक घाटी में शीघ्र स्थायी हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग दोहराई गई तथा समाज के सभी वर्गों से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से इस जनआंदोलन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।

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