रौतापार फायरिंग कांड में बड़ी कार्रवाई: पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आरोपियों से बरामद की गई पिस्टल और बाइक

बस्ती जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसा थाना कोतवाली पुलिस ने रौतापार क्षेत्र में हुए हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पुलिस कस्टडी

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बस्ती। बस्ती जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसा थाना कोतवाली पुलिस ने रौतापार क्षेत्र में हुए हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल एवं मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार थाना कोतवाली क्षेत्र में हत्या के प्रयास के संबंध में दर्ज मुकदमा संख्या 235/2026, धारा 109(1) बीएनएस से जुड़े वांछित अभियुक्त युवराज सिंह पुत्र राजेश सिंह, प्रिंस चौधरी पुत्र संतोष चौधरी तथा प्रिंस यादव पुत्र रामभरत यादव को न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ एवं निशानदेही के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक अवैध 32 बोर पिस्टल तथा पल्सर मोटरसाइकिल संख्या UP 51 BU 9455 बरामद की।
30 मई को हुई थी फायरिंग की घटना
घटना का संबंध 30 मई 2026 को रौतापार इलाके में हुई फायरिंग से है। पीड़ित सौरभ श्रीवास्तव पुत्र संतोष श्रीवास्तव निवासी रौतापार ने थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि सुबह करीब पांच बजे कुछ हथियारबंद लोग उनके घर पहुंचे और गेट पर शोर-शराबा करने लगे। जब वह बाहर आए तो उन पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की गई। हालांकि गेट बंद होने के कारण गोली उन्हें नहीं लगी और उनकी जान बच गई।
पीड़ित ने बताया कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। फुटेज देखने पर फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान युवराज सिंह के रूप में हुई, जबकि उसके साथ प्रिंस चौधरी और प्रिंस यादव भी मौजूद थे। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
न्यायालय के आदेश पर जेल से ली गई रिमांड
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान आरोपियों की तलाश की जा रही थी। बाद में न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपी 10 जून 2026 से जिला कारागार बस्ती में निरुद्ध थे। घटना में प्रयुक्त हथियार और वाहन की बरामदगी के लिए पुलिस ने न्यायालय से कस्टडी रिमांड प्राप्त की। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर अवैध पिस्टल और घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली गई।
पूछताछ में सामने आई रंजिश की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वादी पक्ष के एक सदस्य द्वारा युवराज सिंह के घर पर पत्थर फेंके जाने और उसकी मां के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की घटना से वे नाराज थे। इसी रंजिश के चलते उन्होंने बदला लेने की नीयत से सौरभ श्रीवास्तव के घर पर फायरिंग की थी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
बरामदगी में शामिल रही पुलिस टीम
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मोतीचंद्र, उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रसाद, उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक अनस अख्तर, कांस्टेबल विजय कुमार यादव, मुकेश साहनी, सतीश कुमार यादव तथा विवेक कुमार वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामदगी के बाद आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। इस सफलता को थाना कोतवाली पुलिस की प्रभावी विवेचना और त्वरित कार्रवाई का परिणाम माना जा रहा है।
 
 

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