जल जीवन मिशन को बदनाम करने की साजिश, आरोपी रडार पर

बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में टंकी फटने की घटना आपसी रंजिश के कारण हुई थी। पंप ऑपरेटर के पद से हटाए जाने से नाराज प्रमोद शुक्ला ने अपने बेटे के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर (गुब्बारानुमा ट्यूब जिसमें पानी भरता है)

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बस्ती। बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में टंकी फटने की घटना आपसी रंजिश के कारण हुई थी। पंप ऑपरेटर के पद से हटाए जाने से नाराज प्रमोद शुक्ला ने अपने बेटे के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर (गुब्बारानुमा ट्यूब जिसमें पानी भरता है) को धारदार हथियार से काट दिया, जिसके चलते अचानक टंकी से पानी गिरने लगा। टंकी से पानी गिरने को खुद पूर्व पंप ऑपरेटर ने सोशल मीडिया पर वायरल किया था। 
 
अब इस मामले में पुलिस ने आरोपी पूर्व ऑपरेटर प्रमोद शुक्ला और उसके बेटे निहाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दोनों आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि 17 जून को जब गांव की टंकी में पानी भरा जा रहा था, तभी अचानक टंकी से पानी गिरने लगा। इसी का विडियो बनाकर यह प्रसारित किया गया कि टंकी फट गई है। राजपुर भैरवा ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने बताया कि यह पूरी साजिश इसलिए रची गई, ताकि ग्राम प्रधान को बदनाम किया जा सके।
क्या है पूरा मामला  
 
आरोपी प्रमोद शुक्ला परियोजना में पंप ऑपरेटर का काम करता था। जिसे कुछ दिनों पहले ही लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पंप ऑपरेटर के पद से हटा दिया गया था। काम से हटाए जाने के कारण प्रमोद शुक्ला ने साजिश रची कि टंकी के पीवीसी लाइनर को काट दिया जाए। जिससे गांव में पानी की सप्लाई रूक जाएगी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए प्रमोद शुक्ला ने अपने बेटे निहाल को टंकी पर चढ़ाया और उससे टंकी का पीवीसी लाइनर कटवाया। इस दौरान प्रमोद शुक्ला नीचे खड़ा होकर विडियों बना रहा था। जैसे ही टंकी में पानी भरने के लिए मोटर चालू किया गया, तो पीवीसी लाइनर फटा होने के कारण पानी अचानक टंकी से गिरने लगा। 
 
जल निगम ने भी जांच में आरोपों को सही पाया। 17 जून को अचानक टंकी से पानी गिरने की घटना का संज्ञान लेते हुए जल निगम ग्रामीण ने भी इस मामले की जांच कराई। घटना की जानकारी मिलते ही टंकी लगाने वाली कंपनी वेदांटेक के इंजिनियर मनीष कुमार ने जांच में पाया कि धारदार हथियार से टंकी के अंदर लगा हुआ पीवीसी लाइनर क्षतिग्रस्त किया गया। जिसके कारण पानी का दबाव पड़ने पर अचानक से पानी टंकी से बाहर गिरने लगा। मामला सामने आने के बाद 24 घंटे के अंदर जलापूर्ति बहाल करने के लिए मेघा इंजिनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को निर्देश जल निगम ग्रामीण द्वारा दिया गया है
 
 

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