देवनहरी के अमन पाल बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, बढ़ाया प्रयागराज का  मान 

थरवई थाना क्षेत्र के देवनहरी गांव के होनहार युवा अमन पाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रयागराज जिले का नाम रोशन किया है।

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स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।
 
थरवई थाना क्षेत्र के देवनहरी गांव के होनहार युवा अमन पाल ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रयागराज जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव, क्षेत्र और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, शिक्षकों और परिचितों ने अमन की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
 
देवनहरी गांव निवासी अमन पाल ऐसे परिवार से आते हैं, जहां बचपन से ही देशसेवा और अनुशासन का वातावरण रहा है। उनके पिता महाराजदीन पाल पुलिस विभाग में घुड़सवार पुलिस के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सुनीता पाल गृहणी हैं। वहीं उनके चाचा बाबादीन पाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों की राष्ट्रसेवा से प्रेरित होकर अमन ने भी सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा और उसे साकार कर दिखाया।
 
अमन पाल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कानपुर में प्राप्त की। बचपन से ही वे पढ़ाई में मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएससी में प्रवेश लिया। पढ़ाई के दौरान ही उनका लक्ष्य भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था और उन्होंने इस दिशा में लगातार मेहनत जारी रखी।
 
बीएससी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत रहते हुए अमन ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। एनडीए में चयन के बाद उन्होंने कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपनी योग्यता, परिश्रम तथा दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद हासिल करने में सफलता प्राप्त की।
 
अमन बताते हैं कि उनके पिता की तैनाती पुलिस लाइन में होने के कारण उनका बचपन कैंट क्षेत्र के वातावरण में बीता। वहां सेना के अधिकारियों की कार्यशैली, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को देखकर उनके मन में भी सेना में अधिकारी बनने की प्रेरणा जगी। यही प्रेरणा आगे चलकर उनके जीवन का लक्ष्य बन गई।
 
अपनी सफलता पर अमन पाल ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और शिक्षकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर परिस्थिति में उनका हौसला बढ़ाया और लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से भी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को पूरा करने का संदेश दिया।
 
अमन की इस उपलब्धि से देवनहरी गांव में हर्ष व्याप्त है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए गौरव  बताया है। लोगों का कहना है कि अमन की सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी देशसेवा और उच्च पदों पर पहुंचने की प्रेरणा मिलेगी।
 
 

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