गुरु रविदास की 650वीं जयंती पर निकली कलश वंदन यात्रा
चौक चौराहों सहित जटहां में हुआ भव्य स्वागत
पडरौना, कुशीनगर। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा वाराणसी से शुरू की गई पवित्र कलश वंदन यात्रा बुधवार को पडरौना देहात और विशुनपुरा मंडल पहुंची। यात्रा के पहुंचने पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया और कलश पूजन कर संत रविदास के समानता, मानवता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
पडरौना देहात मंडल में यात्रा के आगमन पर नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल, जिला महामंत्री विवेकानंद शुक्ल, जिला उपाध्यक्ष मीनू जिंदल, मंडल अध्यक्ष रामजीत चौहान, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष जायसवाल बुलबुल, मंडल महामंत्री महेंद्र दीक्षित, अवधेश प्रजापति, जनार्दन मद्धेशिया, सुनील चौहान, अंशु जायसवाल और आलोक विश्वकर्मा सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कलश पूजन किया।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल ने कहा कि संत रविदास का जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचारों और आदर्शों को हर घर तथा विशेषकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। संत रविदास ने समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दिखाई।
विशुनपुरा मंडल के त्रिलोकपुर में यात्रा पहुंचने पर सदर विधायक मनीष जायसवाल, ब्लाक प्रमुख विंध्यवासिनी श्रीवास्तव, मंडल अध्यक्ष राजकुमार चौहान, मंडल महामंत्री विवेक पांडेय, जवाहर पाल, नरेंद्र तिवारी, कपिल देव लाल श्रीवास्तव, होशिला पांडेय, संजय राय, कृष्णा जायसवाल, उपेंद्र कुमार मिश्र, विजय कुशवाहा, अंकित कुमार, गोल्डी गुप्ता, चंदन रौनियार और घनश्याम मिश्र सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया।
सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि संत रविदास का जीवन ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है। उन्होंने समानता और मानवता का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। कलश वंदन यात्रा का उद्देश्य समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
समरसता संकल्प अभियान के जिला सह संयोजक एवं जिला मंत्री विश्वरंजन कुमार आनंद ने बताया कि यात्रा ने बुधवार को पडरौना देहात मंडल के भटवलिया, मिश्रौली, जगदीशपुर, खिरकिया तथा विशुनपुरा मंडल के त्रिलोकपुर, मनिकौरा, चैती जटहां में और मंशाछापर में भ्रमण किया। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर हजारों श्रद्धालुओं ने कलश पूजन कर संत रविदास के समानता और मानवता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।


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