उफनती बिछयारी नदी में डूबे बालक और बचाने गए युवक का दूसरे दिन भी सुराग नहीं

क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते सभी नदी-नाले उफान पर हैं।रजमिलान स्थित बिछयारी नदी में मंगलवार को डूबे 10 वर्षीय बालक और उसे बचाने गए 45 वर्षीय युवक का बुधवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका।

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बीजपुर /सोनभद्र-  क्षेत्र में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते सभी नदी-नाले उफान पर हैं।रजमिलान स्थित बिछयारी नदी में मंगलवार को डूबे 10 वर्षीय बालक और उसे बचाने गए 45 वर्षीय युवक का बुधवार को भी कोई सुराग नहीं लग सका। दिनभर बाढ़ राहत दल और स्थानीय गोताखोरों की टीमें नाव व सुरक्षा उपकरणों के साथ नदी के तेज बहाव में तलाश करती रहीं, लेकिन शाम तक दोनों का पता नहीं चल पाया।जानकारी के अनुसार मंगलवार को रजमिलान गांव के तीन बच्चे बिछयारी नदी किनारे खेल रहे थे।इसी दौरान तीनों एक लकड़ी के सहारे पानी में तैरने लगे और गहरे पानी में चले गए। अचानक संतुलन बिगड़ने से लल्लू (10) पुत्र मनराज की लकड़ी पलट गई और वह डूबने लगा।
 
साथ मौजूद दो अन्य बच्चे किसी तरह सुरक्षित किनारे पहुंचे और शोर मचाने लगे।बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पास के खेत में काम कर रहे राजकुमार (45) पुत्र बहादुर तुरंत नदी की ओर दौड़े। मासूम को डूबता देख राजकुमार ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, नदी के तेज बहाव और जलस्तर अधिक होने के कारण वह भी पानी में बह गए और लापता हो गए।घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने तुरंत स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू कराई,लेकिन अंधेरा व तेज बहाव होने के कारण मंगलवार रात अभियान रोकना पड़ा।
 
बुधवार सुबह से ही बाढ़ राहत दल और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने पानी के तेज प्रवाह के बीच सघन तलाशी अभियान चलाया, मगर दोनों का कोई पता नहीं चल सका। रेस्क्यू टीम लगातार नदी के निचले इलाकों में दोनों की तलाश कर रही है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी परेशानी हो रही है पूरा प्रयास किया जा रहा है।

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