पंचायत समिति की बैठक में फूटा जनप्रतिनिधियों के गुस्सा
अंचल, बाल विकास व जनवितरण में भ्रष्टाचार पर बिफरे सदस्य
त्रिवेणीगंज पंचायत समिति की सम्भवतः आखरी बैठक में जनप्रतिनिधियों के तल्ख तेवर देख अधिकारी भी भौचक रह गए। पाँच साल की आखरी बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने जिस तरह अपने ही अधिकारी को धोया और उनके क्रियाकलापों खासकर कमीशन खोरी को सरेआम न सिर्फ उजागर किया बल्कि भृष्टाचार से बाहर निकलने की चेतावनी दी, उससे अधिकारियों के होश जरूर उड़ गए हैं।
वाक्या प्रखंड कार्यालय स्थित स्वच्छता भवन में बुधवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक का है। प्रखंड प्रमुख काजल कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनहित के मुद्दों, अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, आंगनबाड़ी केंद्रों में अवैध उगाही और खाद की कालाबाजारी को लेकर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
हालांकि लगता है कि नवपदस्थापित प्रखंड विकास अधिकारी परमानंद प्रसाद को शायद पहले से कुछ आशंका थी, फलतः उन्होंने बैठक में मौजूद सदस्यों से मर्यादित रहकर अपनी बात रखने की अपील की। हालांकि, जनहित से जुड़े मुद्दों पर बहस के दौरान समिति सदस्य अशोक यादव और कोरियापट्टी पूर्वी पंचायत के मुखिया राजेश यादव आपस में ही तीखी नोकझोंक करने लगे तो कुछ अधिकारी कुछ क्षण के लिए खुश अवश्य हुए, लेकिन उनकी खुशी कुछ देर में काफूर हो गई। मौके पर मौजूद बीडीओ, उपप्रमुख, अन्य अधिकारियों और थानाध्यक्ष राकेश कुमार के हस्तक्षेप कर दोनों को शांत कराया। सदस्यों ने बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति गहरा असंतोष व्यक्त किया और कार्रवाई की मांग की।
अंचल कार्यालय बना दलाली और भ्रष्टाचार का अड्डा
मुखिया राजेश कुमार, पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद जहाँगीर और बोधि यादव ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली खासकर सीओ प्रियंका सिंह पर गंभीर सवाल उठाए। सदस्यों का खुलमखुला आरोप था कि अंचलाधिकारी प्रियंका सिंह के पदस्थापन के बाद से अंचल में भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रत्येक हल्का कर्मचारी के पास चार से पांच निजी अवैध मुंशी काम कर रहे हैं, जो दलाल की भूमिका निभाते हैं। बिना नजराने के परिमार्जन, दाखिल-खारिज और जमीन मापी का काम नहीं होता। जवाब में सीओ प्रियंका सिंह ने बताया कि थाना नंबर 273 अंतर्गत लतोना स्थित खाता संख्या 278 (गैर-मजरुआ खास) मामले में कुछ किसानों ने गलत तरीके से एलपीसी निकालकर राशि का उठाव किया है। इस संबंध में जमाबंदी विखंडन के लिए डीसीएलआर को पत्र लिखा गया है।
आंगनबाड़ी से उगाही और राशन में कटौती पर नाराजगी
सदस्यों ने आंगनबाड़ी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रखंड के 364 आंगनबाड़ी केंद्रों से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिका प्रति केंद्र 2500 रुपये की अवैध वसूली खुलेआम कर रही हैं। यानी 10 लाख का अवैध कारोबार हो रहा है। अधिकांश केंद्र सेविकाओं के घरों में चल रहे हैं और पोषाहार वितरण में व्यापक धांधली हो रही है।
सदस्यों ने एसडीएम को भी नहीं बख्शा
कई सदस्यों ने जनवितरण प्रणाली में लाभुकों को प्रति यूनिट आधा किलो खाद्यान्न कम देने का आरोप लगाया। सदस्यों ने अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि आपूर्ति विभाग डीलरों से प्रति क्विंटल 35 रुपये की कमीशन वसूली कर रहा है और 13 हजार क्विंटल अनाज आवंटन में 5 लाख रुपये की उगाही की जा रही है। एसडीएम पर लगे आरोप से अधिकारियों के होश उड़ गए और सभी एक दूसरे को देखने लगे। सदस्यों ने आरोप लगाया कि त्रिवेणीगंज एसएफसी गोदाम को एजीएम की जगह उनके निजी व्यक्ति द्वारा खाद्यान्न वितरण करने का मामला गम्भीर है और इस पर कार्रवाई की मांग की। सदस्यों का कहना था कि एजीएम त्रिवेणीगंज के साथ पिपरा गोदाम के अतिरिक्त प्रभार के साथ ही लोडिंग का जिम्मा सम्भाल रहे हैं। उनकी हनक का अंदाजा इसी से लगता है कि वे सूचना के बाद भी बैठक से दूरी बनाए रखे, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
खाद की कालाबाजारी और छापेमारी
सदस्यों ने आरोप लगाया कि बिस्कोमान में यूरिया 266 रुपये और मिक्सचर 1455 रुपये में उपलब्ध है, जबकि खुले बाजार में इसे 400 से 500 रुपये तथा 1900 से 2200 रुपये में बेचा जा रहा है। सरकारी गोदामों में खाद होने के बावजूद कृत्रिम किल्लत दिखाकर कालाबाजारी की जा रही है। किसानों के लिए आने वाला अनुदानित बीज भी आम किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है। बैठक समाप्त होते ही बीएओ ने कई दुकानों की जाँच की, जिससे खाद दुकानदारों में खलबली मच गई।
बीपीआरओ की हुई तारीफ
मजेदार बात यह रही कि जहां एक ओर विभिन्न विभागों की खिंचाई हुई, वहीं वर्तमान बीपीआरओ सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनीष कुमार मीनू की सदस्यों ने खुलकर तारीफ की। सदस्यों ने कहा कि उनके आने के बाद से कार्यालय संबंधी कार्यों के लिए आम जनता को परेशान नहीं होना पड़ता है।
मामले पर बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी परमानंद प्रसाद ने कहा कि राशन कटौती, आंगनबाड़ी में कमीशनखोरी और खाद की कालाबाजारी से संबंधित सभी शिकायतों को दर्ज कर लिया गया है। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों व अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में उप प्रमुख ओमप्रकाश गुड्डू, प्रखंड कृषि पदाधिकारी नीतीश कुमार, कार्यक्रम अधिकारी विभेश कुमार, प्रभारी सीडीपीओ भारती कुमारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी, विद्युत कनीय अभियंता राकेश कुमार, बीपीआरओ मनीष कुमार मीनू, स्वास्थ्य प्रबंधक एस. अदीब अहमद, पंसस जहांगीर आलम, बोधि यादव, अशोक यादव, मोहम्मद जमील सहित मुखिया पांडव पासवान, रामानंद यादव, राजेश यादव समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।


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