वन नेशन, वन इलेक्शन: जेपीसी पहुंचेगी पणजी और लखनऊ
समिति का यह अध्ययन दौरा देशभर में आयोजित किए जा रहे क्षेत्रीय परामर्शों की श्रृंखला का अगला चरण है।
नई दिल्ली।
प्रस्तावित संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024 तथा संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक विचार-विमर्श के उद्देश्य से 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' विषय पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) 10 से 15 जुलाई, 2026 तक गोवा की राजधानी पणजी और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का अध्ययन दौरा करेगी।
समिति के अध्यक्ष पी. पी. चौधरी के नेतृत्व में होने वाले इस दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयकों के देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, चुनाव प्रणाली और शासन व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का व्यापक अध्ययन करना तथा विभिन्न हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना है।
अध्ययन दौरे के दौरान समिति क्षेत्रीय स्तर पर संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, वित्तीय एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, राज्य बार परिषदों, संबंधित उच्च न्यायालयों के अधिवक्ता संघों, विभिन्न पेशेवर संगठनों तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श करेगी। इन बैठकों में चुनाव प्रणाली में संभावित बदलावों, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रभाव, संवैधानिक पहलुओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पड़ने वाले प्रभावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
समिति का यह अध्ययन दौरा देशभर में आयोजित किए जा रहे क्षेत्रीय परामर्शों की श्रृंखला का अगला चरण है। इससे पहले समिति मुंबई, देहरादून, चंडीगढ़, शिमला, बेंगलुरु और गांधीनगर में भी इसी प्रकार के अध्ययन दौरे और परामर्श बैठकें आयोजित कर चुकी है। इन बैठकों में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, राजनीतिक दलों के नेताओं, बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा विभिन्न नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए थे।
पूर्व में आयोजित इन परामर्श बैठकों में महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, चंडीगढ़ तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इसके अलावा भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड तथा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक जैसी प्रमुख संस्थाओं के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने भी समिति के समक्ष अपने विचार रखे थे।
समिति को उम्मीद है कि पणजी और लखनऊ में होने वाले आगामी अध्ययन दौरे के दौरान भी विभिन्न वर्गों से उपयोगी सुझाव प्राप्त होंगे। इन सुझावों के आधार पर समिति प्रस्तावित संविधान (एक सौ उनतीसवाँ संशोधन) विधेयक, 2024 और संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024 पर अपनी रिपोर्ट को और अधिक व्यापक तथा व्यावहारिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा को लेकर देशभर में विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। ऐसे में संयुक्त संसदीय समिति का यह अध्ययन दौरा विभिन्न पक्षों की राय को समाहित करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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