पहली ही बारिश में खुली दावों की पोल: 'पड़री-दाढ़ीराम रोड' बनी हादसों का सबब, घटिया राजनीति की भेंट चढ़ी जनता की सुरक्षा
मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी
मिर्जापुर।पहाड़ी विकास खंड मानसून की पहली ही हल्की बारिश ने क्षेत्र की प्रशासनिक मुस्तैदी और जनप्रतिनिधियों के बड़े-बड़े वादों की कलई खोलकर रख दी है। पड़री-दाढ़ीराम मुख्य मार्ग इस समय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। पहली ही फुहार में यह सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे इस पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

गड्ढे या पाताल? राहगीर हो रहे लहूलुहान
सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे अब पानी से लबालब भर चुके हैं। इसके चलते साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों के लिए गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो गया है। नतीजा यह है कि आए दिन लोग इन अदृश्य गड्ढों का शिकार होकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। राहगीरों की सुरक्षा पूरी तरह रामभरोसे है।
चुनावी फायदे के लिए काम रोकने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों में इस दुर्दशा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सत्ता पक्ष इस सड़क का निर्माण सिर्फ चुनावी फायदा उठाने के लिए लटकाए हुए है। लोगों का कहना है:
"जब विधानसभा चुनाव बिल्कुल नजदीक आएंगे, तब जाकर वोट बटोरने के लिए इस सड़क का निर्माण कार्य आनन-फानन में शुरू कराया जाएगा। जनता की दिक्कतों से किसी को कोई सरोकार नहीं है।"

राजनीति का अखाड़ा बनी सड़क, विपक्ष भी मौन
पहाड़ी विकास खंड में विपक्षी दलों की निष्क्रियता भी साफ उजागर हो रही है। आरोप है कि चुनाव के समय ही सिर्फ इस सड़क को मुद्दा बनाया जाता है और सत्ता पक्ष के खिलाफ जनता को भड़काने का माध्यम ढूंढ लिया जाता है। कुल मिलाकर, घटिया और स्वार्थी राजनीति के पेंच में फंसी यह सड़क आज विकास के दावों को मुंह चिढ़ा रही है। वहीं, थक-हारकर ग्रामीणों ने भी इस क्षतिग्रस्त सड़क को अपनी बदकिस्मती मान लिया है और अब वे अगले विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं।

विधायक की 'नाप-जोख' और 'फोटोशूट' भी रहा बेअसर
कुछ दिनों पहले मझवा विधायक सुचिश्मिता मौर्य ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ बड़े तामझाम के साथ इस सड़क का निरीक्षण किया था। सड़क की नाप-जोख हुई, तस्वीरें खिंचवाई गईं और बाजार वासियों से बकायदा वादा किया गया था कि "बारिश शुरू होने से पहले सड़क का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।"
लेकिन आज जमीनी हकीकत यह है कि निर्माण कार्य पूरा होना तो दूर, दूर-दूर तक काम शुरू होने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं।


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