राजनीतिक दल

दल बदल की राजनीति और जनविश्वास का प्रश्न ईमानदारी से चलने वाले दल की निरंतर उन्नति और भ्रष्टाचार में डूबे दल की अनिवार्य गिरावट

भारतीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी बहुदलीय व्यवस्था है जहां अनेक विचारधाराएं अनेक नेतृत्व और अनेक सामाजिक आकांक्षाएं एक साथ विकसित होती हैं, परंतु पिछले कुछ वर्षों में एक अलग ही प्रवृत्ति तेजी से उभरती दिखाई दी है जिसे...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

विकास की दौड़ में पिछड़ता भारत

महेन्द्र तिवारी    भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों का स्वरूप समय के साथ काफी बदल गया है। पहले जहां चुनाव विचारधाराओं, दीर्घकालिक विकास के वादों, बुनियादी ढांचे के निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर मुद्दों पर लड़े जाते थे...
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