सीबीआई रेड के एक साल बाद फिर शुरू हुआ राख परिवहन का खेल

एनटीपीसी रिहंद पर उठे गंभीर सवाल, धूल-राख से फिर घुटने लगी जनता की सांस

राजेश तिवारी Picture
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संतोष कुमार गुप्ता ( संवाददाता) 

बीजपुर/सोनभद्र-

जिस राख परिवहन को लेकर पिछले वर्ष केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की छापेमारी के बाद रोक लगी थी, वही विवादित परिवहन कार्य एक बार फिर शुरू होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच की आंच ठंडी पड़ते ही राख परिवहन का सिलसिला फिर शुरू कर दिया गया, जिससे प्रदूषण, सड़क क्षति और दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है।

सीबीआई कार्रवाई के बाद रुका था परिवहन

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पिछले वर्ष राख परिवहन से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद सीबीआई टीम ने एनटीपीसी रिहंद परियोजना में जांच की थी। इसके बाद राख परिवहन का कार्य काफी हद तक बंद हो गया था, जिससे स्थानीय लोगों को राहत मिली थी।

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फिर दौड़ने लगे भारी वाहन

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अब दोबारा परिवहन शुरू होने के बाद सैकड़ों भारी वाहन क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन वाहनों से उड़ने वाली राख और धूल के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहीं लगातार भारी वाहनों की आवाजाही से सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं।

दुर्घटनाओं और प्रदूषण का बढ़ा खतरा

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राख परिवहन के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों, राहगीरों और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से सांस और आंखों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।

क्या सीबीआई जांच के बाद मिली राहत फिर खत्म हो जाएगी?

क्या जनता की सुरक्षा और पर्यावरण से बड़ा हो गया राख परिवहन का कारोबार?

क्या जिम्मेदार विभाग और अधिकारी इस पर जवाब देंगे?

अब पूरे क्षेत्र की नजर प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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