इफको कॉर्डेट, में नैनो उर्वरकों पर सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन।
इफको कॉर्डेट , फूलपुर, प्रयागराज में आज नैनो उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों के मध्य इनके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
स्वतंत्र प्रभात।
ब्यूरो प्रयागराज
इफको कॉर्डेट , फूलपुर, प्रयागराज में आज नैनो उर्वरकों के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं किसानों के मध्य इनके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग, लाभ एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप आयुक्त एवं उप निबंधक, सहकारिता प्रयागराज मंडल, आशीष श्रीवास्तव रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में इफको राज्य कार्यालय, लखनऊ से राज्य विपणन प्रबंधक यतेन्द्र कुमार तेवतिया उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त प्रयागराज मंडल के समस्त अपर जिला सहकारी अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) तथा विभिन्न जनपदों के सहकारिता विभाग के अधिकारी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि नैनो उर्वरक भारतीय कृषि के लिए एक क्रांतिकारी तकनीक है, जो कम लागत में अधिक उत्पादन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
उन्होंने किसानों से प्राप्त अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिन किसानों ने नैनो उर्वरकों का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग किया है, उन्हें उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों को अधिकाधिक किसानों तक पहुँचाने के लिए सचिवों एवं किसानों के स्तर पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे इनका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो सके।
राज्य विपणन प्रबंधक यतेन्द्र कुमार तेवतिया ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं अन्य नैनो उर्वरकों की वैज्ञानिक उपयोगिता, उनकी कार्यप्रणाली तथा पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में उनके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित अपर जिला सहकारी अधिकारियों एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों से आह्वान किया कि वे सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों की उपलब्धता एवं बिक्री को बढ़ावा दें तथा किसानों को इनके उपयोग के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों का व्यापक उपयोग आत्मनिर्भर एवं टिकाऊ कृषि व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के दौरान प्रयागराज मंडल के विभिन्न जनपदों से आए अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा नैनो उर्वरकों के प्रचार-प्रसार एवं सहकारी समितियों के माध्यम से इनके व्यवसाय को सुदृढ़ बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रयागराज जनपद से सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता) साधना सिंह, कौशाम्बी जनपद से श्याम लाल मौर्य तथा प्रतापगढ़ जनपद से उमाकांत कुशवाहा सहित अन्य अधिकारियों ने नैनो उर्वरकों के उपयोग, किसानों में जागरूकता तथा सहकारी समितियों की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में उपस्थित अपर जिला सहकारी अधिकारियों एवं अन्य प्रतिभागियों ने इफको के नैनो उर्वरकों से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका समाधान डॉ. डी.के. सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, इफको प्रयागराज मंडल द्वारा विस्तारपूर्वक एवं सरल भाषा में किया गया। उन्होंने नैनो उर्वरकों की उपयोग विधि, किसानों को होने वाले लाभ, वैज्ञानिक तथ्यों तथा विपणन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कॉर्डेट फूलपुर , इफको के प्रधानाचार्य डॉ. विवेक दीक्षित ने संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था, अनुसंधान गतिविधियों तथा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों ने कॉर्डेट परिसर का भ्रमण किया गया ।
कार्यक्रम के समापन पर सभी अधिकारियों ने इफको फूलपुर स्थित नैनो उर्वरक संयंत्र का भ्रमण किया तथा नैनो उर्वरकों के निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अधिकारियों ने यह जाना कि नैनो उर्वरकों का निर्माण किस प्रकार आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जाता है। साथ ही उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग एवं संयंत्र की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस दौरान अधिकारियों ने संयंत्र में अपनाई जा रही अत्याधुनिक तकनीकों की सराहना की तथा इसे भारतीय कृषि के लिए एक महत्वपूर्ण नवाचार बताया।
कार्यक्रम के अंत में इफको प्रयागराज के क्षेत्र प्रतिनिधि प्रतीक चौबे द्वारा सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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