सुपौल में LPG व पेट्रोलियम की कोई किल्लत नहीं, शादी सीजन में पर्याप्त आपूर्ति के निर्देश
51 गैस एजेंसियों में 13 हजार से अधिक सिलेंडर उपलब्ध, प्रतिदिन 6 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिल रही गैस
सुपौल जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार ने जिले में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सभी तेल विपणन कंपनियों के विक्रय पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी की कोई कमी नहीं है तथा मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति जारी है।
समीक्षा के दौरान नोडल पदाधिकारी (LPG) ने बताया कि जिले की 51 गैस एजेंसियों में फिलहाल लगभग 13,133 गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि 9,904 सिलेंडर और प्राप्त होने की संभावना है। 4 मई को 3,871 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की गई, जबकि अब भी 20,002 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। जिले में प्रतिदिन औसतन 6,022 उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि शादी-विवाह के सीजन में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, इसलिए सभी कंपनियां पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसियों एवं तेल उपयोग करने वाले संस्थानों पर नियमित निगरानी रखने को कहा गया। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, उपनयन, मुंडन व अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए कैटरर्स एवं रसोइयों को तेल कंपनियों में पंजीकरण कराना होगा, जो 5-7 दिनों के भीतर किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजकों को अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन देना होगा, जिसके आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी मजदूरों को 5 किलो का गैस सिलेंडर बिना पते के प्रमाण के भी उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले की अधिकांश गैस एजेंसियों पर LPG उपलब्ध है, जबकि कुछ एजेंसियों में जल्द आपूर्ति होने की संभावना है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 18 गैस एजेंसियों और 21 होटलों/प्रतिष्ठानों में छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 24x7 टोल फ्री हेल्पलाइन 1906 सहित विभिन्न तेल कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। साथ ही समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
जिला प्रशासन ने कहा कि पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण जारी है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।


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