डीएम के औचक निरीक्षण में मिली अनियमितताओं पर हेडमास्टर और शिक्षिका निलंबित
दपरखा मध्य विद्यालय में पठन-पाठन और मध्याह्न भोजन व्यवस्था मिली खराब, शिक्षिका की अनधिकृत अनुपस्थिति भी आई सामने
त्रिवेणीगंज। नगर परिषद क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय दपरखा में बुधवार को जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार और सहायक शिक्षिका सरिता कुमारी को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है।
बताया गया कि जिलाधिकारी सावन कुमार ने बुधवार को मध्य विद्यालय दपरखा का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सहायक शिक्षिका सरिता कुमारी के 17 जुलाई 2026 से अनधिकृत रूप से विद्यालय से अनुपस्थित रहने की जानकारी सामने आई। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उनकी उपस्थिति की समीक्षा में भी कई तिथियों पर अनुपस्थिति पाई गई। साथ ही जनवरी से मार्च 2026 के बीच कई दिनों में सुबह 10 बजे के बाद विलंब से उपस्थिति दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया शिक्षिका का कृत्य कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, शिक्षण कार्य में रुचि नहीं लेने, स्वेच्छाचारिता तथा उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना से संबंधित प्रतीत होता है। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपलब्ध सरकारी आवंटन के विरुद्ध कराए गए कार्य भी असंतोषजनक पाए गए। विद्यालय की पठन-पाठन व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली, जबकि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सत्य पाए जाने के बाद बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 के तहत शिक्षिका सरिता कुमारी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, पिपरा निर्धारित किया गया है।
वहीं, विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार के विरुद्ध भी कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितता, विद्यालय संचालन में विभागीय नियमों एवं मानकों का पालन नहीं करने, स्वेच्छाचारिता तथा उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना जैसे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद उन्हें भी निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के अधीन किया गया है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में दोनों शिक्षकों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। दोनों के विरुद्ध आरोप पत्र अलग से जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण के बाद शिक्षा विभाग की कार्रवाई से क्षेत्र के विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है।


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