तेंदुए की तलाश में दर्जनों गांवों में कांबिंग,नहीं मिला कोई साक्ष

15 दिन से दहशत के बीच वन विभाग ने चलाया सर्च अभियान, वन्यजीव विशेषज्ञ के साथ टीम ने खंगाले जंगल और खेत

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

बरेली/ क्योलड़िया  क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में बनी दहशत के बीच शनिवार को वन विभाग ने सघन सर्च और कांबिंग अभियान चलाया। वन क्षेत्राधिकारी नवाबगंज के के मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. जीएस खुशारिया के साथ क्षेत्र के दर्जनों गांवों के जंगल और खेतों को खंगाला। हालांकि, अभियान के दौरान तेंदुए की मौजूदगी से संबंधित कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला।
 
क्षेत्र में पिछले दो दिनों से तेंदुए के दिखाई देने या उसके पगचिह्न मिलने की कोई सूचना वन विभाग को नहीं मिली है। इससे ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है। हालांकि एहतियात के तौर पर विभाग की टीमें अभी क्षेत्र में सक्रिय रहेंगी।
 
पिछले दो सप्ताह में क्योलड़िया क्षेत्र के अब्दला, कुंअरपुर तुलसी पट्टी, जवेदा, भऊआ बाजार, मरगापुर-मरगैया और प्रह्लादपुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों ने तेंदुआ देखे जाने या पगचिह्न मिलने की सूचनाएं वन विभाग को दी थीं। इसके बाद विभाग ने चार टीमें गठित कर निगरानी शुरू की। भऊआ बाजार में तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा भी लगाया गया। लगातार तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना तक कम कर दिया था।
 
*बारिश में भटककर गांवों के पास पहुंचते हैं वन्यजीव
 
वन क्षेत्राधिकारी के के मिश्रा और वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. जीएस खुशारिया ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जंगल या सुनसान स्थानों पर अकेले नहीं जाने की अपील की। उन्होंने बताया कि नवाबगंज क्षेत्र का कुछ हिस्सा पीलीभीत टाइगर रिजर्व के नजदीक है। बारिश के मौसम में कभी-कभी तेंदुए या अन्य जंगली जानवर शिकार की तलाश में रास्ता भटककर गांवों के आसपास पहुंच जाते हैं। हालांकि, ऐसे वन्यजीव अक्सर वापस जंगल की ओर चले जाते हैं।
 
 
*वन क्षेत्राधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि शनिवार को वन्यजीव विशेषज्ञ के साथ कई गांवों में कांबिंग की गई, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला। एहतियात के तौर पर टीमें अभी सक्रिय रहेंगी और भऊआ बाजार में लगाया गया पिंजड़ा भी लगा रहेगा। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। क्योलड़िया क्षेत्र में ग्रामीणों से जानकारी लेते वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. जीएस खुशारिया और वन क्षेत्राधिकारी नवाबगंज के के मिश्रा।

About The Author

Post Comments

Comments