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सरकारी सहायता राशि में गड़बड़ी का आरोप, पीड़ित ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार
मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती निवासी धर्म, पुत्र स्वर्गीय लल्लू, ने जिलाधिकारी लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में गड़बड़ी और ग्राम प्रधान पर धनराशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है।
मलिहाबाद (लखनऊ)।
मलिहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती निवासी धर्म, पुत्र स्वर्गीय लल्लू, ने जिलाधिकारी लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि में गड़बड़ी और ग्राम प्रधान पर धनराशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर बकाया सहायता राशि दिलाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, वर्ष 2021 में धर्म के पिता स्वर्गीय लल्लू की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। परिवार में तीन भाई और एक नाबालिग बहन हैं। पीड़ित का कहना है कि शासन की ओर से वर्ष 2022 में किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई थी, लेकिन उन्हें पूरी धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी।
आरोप है कि ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने सहायता राशि दिलाने के नाम पर मृतक से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और बैंक पासबुक अपने पास रख लिए तथा कथित रूप से ₹20,000 की मांग की। जब पीड़ित ने यह कहते हुए रुपये देने से इनकार कर दिया कि यह सरकारी सहायता है और इसके लिए किसी को पैसे नहीं दिए जाएंगे, तो ग्राम प्रधान कथित रूप से नाराज हो गए।
पीड़ित का आरोप है कि उसके भाइयों और बहन के खाते में आई ₹1.25 लाख की सहायता राशि में से ग्राम प्रधान ने प्रत्येक से ₹8,000-₹8,000 जबरन ले लिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम प्रधान ने कहा कि उन्होंने पैसा शासन को वापस कर दिया है और अब शिकायत करने पर भी उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
धर्म ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराकर किसान दुर्घटना सहायता योजना की शेष धनराशि दिलाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, वर्ष 2021 में धर्म के पिता स्वर्गीय लल्लू की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। परिवार में तीन भाई और एक नाबालिग बहन हैं। पीड़ित का कहना है कि शासन की ओर से वर्ष 2022 में किसान दुर्घटना सहायता योजना के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत हुई थी, लेकिन उन्हें पूरी धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी।
आरोप है कि ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने सहायता राशि दिलाने के नाम पर मृतक से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और बैंक पासबुक अपने पास रख लिए तथा कथित रूप से ₹20,000 की मांग की। जब पीड़ित ने यह कहते हुए रुपये देने से इनकार कर दिया कि यह सरकारी सहायता है और इसके लिए किसी को पैसे नहीं दिए जाएंगे, तो ग्राम प्रधान कथित रूप से नाराज हो गए।
पीड़ित का आरोप है कि उसके भाइयों और बहन के खाते में आई ₹1.25 लाख की सहायता राशि में से ग्राम प्रधान ने प्रत्येक से ₹8,000-₹8,000 जबरन ले लिए। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज करने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम प्रधान ने कहा कि उन्होंने पैसा शासन को वापस कर दिया है और अब शिकायत करने पर भी उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
धर्म ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराकर किसान दुर्घटना सहायता योजना की शेष धनराशि दिलाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
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