देवरिया कला में 48 वर्षीय विनोद मिश्र की मौत से सनसनी, कथित सुसाइड नोट में तीन लोगों पर गंभीर आरोप

परिजनों ने कहा—'आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार'; निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

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गोण्डा। खरगूपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरिया कला में 48 वर्षीय विनोद कुमार मिश्र पुत्र शांति प्रसाद मिश्र की कथित रूप से जहरीला पदार्थ सेवन करने से हुई मृत्यु ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना के बाद सामने आए एक कथित सुसाइड नोट के चलते मामला और भी गंभीर हो गया है। परिजनों का दावा है कि मृतक ने 25 जुलाई 2026 को अपनी डायरी में लिखे सुसाइड नोट में 3 लोग को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

मृतक के पुत्र सुनील कुमार ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से भूमि विवाद और कथित मानसिक उत्पीड़न से परेशान थे। उनका आरोप है कि जबकि उनका किसी प्रकार का वास्तविक विवाद नहीं था, इसके बावजूद उन्हें झूठे मामलों में फंसाने, गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकियां दी जाती थीं। परिजनों का दावा है कि इसी मानसिक तनाव और लगातार कथित प्रताड़ना के कारण विनोद कुमार ने आत्मघाती कदम उठाया।

परिजनों के अनुसार, कथित सुसाइड नोट में विनोद कुमार मिश्र ने लिखा है कि जनवरी 2026 से उन्हें दो बार जमानत करानी पड़ी और शासन-प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। उनका आरोप है कि लगातार हो रहे कथित उत्पीड़न ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने यह कदम उठा लिया।

मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट में आनंद मिश्रा (पुत्र अवधेश कुमार), निर्मला (पत्नी अवधेश कुमार) तथा गीता सोनकर (पत्नी लक्ष्मण सोनकर) का नाम दर्ज है।  सुनील कुमार का कहना है  उनके परिवार को कथित रूप से बार-बार फर्जी मामलों में प्रताड़ित किया जाता था और उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई।

सुनील कुमार ने कहा कि "जब तक कथित सुसाइड नोट में नामित सभी आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाएगा, तब तक हम अपने पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। हमें केवल निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए।"

घटना की सूचना मिलते ही खरगूपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। कथित सुसाइड नोट की प्रामाणिकता, उसमें लगाए गए आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कथित सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई करती है।

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