प्रॉपर्टी विवाद में बुजुर्ग का दर्द बहू और उसके पिता ने संपत्ति हड़पने के लिए झूठे आरोप लगाए बुजुर्ग ने पुलिस पर भी लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित का दावा– 31 मार्च को घर पर हमला, मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट हुई, लेकिन कार्रवाई की जगह परिवार पर ही दर्ज हुआ मामला

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

नई दिल्लीः     हरियाणा के पलवल जिले के होडल क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग ने अपनी पुत्रवधू, उसके पिता तथा स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित रमेश चंद्र का कहना है कि पारिवारिक संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद के कारण उनके पूरे परिवार को सुनियोजित तरीके से परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उनकी पुत्रवधू श्याम ने अपने पिता के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने की नीयत से उनके बेटे वरुण के खिलाफ झूठा छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया।
 
रमेश चंद्र के अनुसार, उनके परिवार की पैतृक संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। उनका दावा है कि इसी विवाद का लाभ उठाकर उनकी पुत्रवधू और उसके पिता ने परिवार पर दबाव बनाने के लिए झूठे आपराधिक आरोप लगाने की रणनीति अपनाई। उनका कहना है कि इससे न केवल उनके बेटे की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची, बल्कि पूरे परिवार को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
 
रमेश चंद्र ने आरोप लगाया कि 31 मार्च 2026 को उनके घर पर कथित रूप से हमला किया गया। इस दौरान मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट जैसी घटनाएं हुईं।
 
उनका कहना है कि उन्होंने तत्काल पुलिस को शिकायत दी, लेकिन उनकी शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, उनके और उनके बेटे के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया।
 
पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। उनका कहना है कि कई महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों को नजरअंदाज किया गया तथा उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि पुलिस निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय प्रभावशाली लोगों का साथ दे रही है।रमेश चंद्र ने कहा, "खाकी का धर्म कानून और सत्य की रक्षा करना है, लेकिन हमारे मामले में ऐसा नहीं हुआ।
 
हमें ऐसा लग रहा है कि पीड़ित की आवाज़ सुनने के बजाय दबंगों का साथ दिया जा रहा है। पुलिस को किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि कानून का साथ देना चाहिए।
 
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय संविधान और न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है तथा उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई अवश्य सामने आएगी। उन्होंने पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
 
साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही, पक्षपात या भ्रष्टाचार सामने आता है तो उसके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए।पीड़ित परिवार का कहना है कि वे न्याय की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ेंगे और कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की रक्षा करेंगे। उनका कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को झूठे मामलों में फंसाना कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
 
दूसरे पक्ष का पक्ष समाचार लिखे जाने तक इस मामले में लगाए गए आरोपों पर पुत्रवधू श्याम, उनके पिता तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार