जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने चलाया विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान, दी विधिक जानकारियां
जनपद न्यायाधीश ने किया बाल गृह का निरीक्षण, दिये आवश्यक दिशा निर्देश
निरीक्षण में 51 बालिकाएं आवासित मिलीं,स्वच्छता पर विशेष जोर
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
मा.उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र राम सुलीन सिंह के आदेशानुसार मंगलवार दिनांकः 30.06.2026 को समिति के सदस्यगण ओमकार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो) एवं राहुल, सिविल जज, सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र द्वारा पूर्वासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका), इन्द्रपुरी कालोनी राबटर््सगंज, सोनभद्र का निरीक्षण किया गया। बाल गृह (बालिका) की अधीक्षिका नीलम सिंह एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहें।
निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में कुल 51 बालिकायें आवासित थी। जिसमें से क्रमशः सोनभद्र की 28, मीरजापुर की 19, शाहजहांपुर की 01, भदोही की बालिकायें 03 एवं 02 नवजात शिशु है।निरीक्षण के समय बाल गृह (बालिका) में साफ-सफाई पायी गयी तथा बाल गृह (बालिका) में आवासित बालिकाओं को मीनू के अनुसार नाश्ता एवं भोजन आदि दिया जा रहा है तथा बालिकाओं को नैतिक व्यापार निवारण अधि0 1956, घरेलू हिसां से महिला संरक्षण अधि0 2005, दहेज प्रतिषेध अधि0
1961, गर्भ का चिकित्सीय समापन अधि0 1971, मातृत्व लाभ अधि0 1961- 26 सप्ताह तक, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधि0 2013, लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधि0 2012, गर्भधारक पूर्ण एवं प्रसव पूर्ण निदान तकनीकी (लिंग चयन प्रतिषेध) अधि0 1994, समान पारिश्रमिक अधि0 1976, महिलाओं का अशिष्ट चित्रण (निषेध) अधि0 1966, हिन्दू उत्राधिकार अधि0 1956” एवं “Sex Selection Decline in child sex ratio under PCPNDT Act की जानकारी दी गयी।
साथ ही साथ छठवे चरण के “मिशन शक्ति विशेष अभियान के अन्तर्गत निम्नलिखित विषयों जैसे- दहेज प्रतिषेध कानूनए घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, लैंगित अपराधों से संरक्षणए कार्यस्थल पर यौन शोषणए गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971ए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियमए गिरफ्तारी से पूर्वए गिरफ्तारी के समय तथा उसके बार महिलाओं के अधिकार संबंधी प्रावधान व कानूनए पूर्वगर्भाधान और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994ए विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 12 के अन्तर्गत महिलाओं के अधिकारए पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन हेतु अधीक्षिका को निर्देशित किया गया तथा इसके अधिकारों एवं लाभ के संबंध में जागरूक किया गया।
इसके अलावा उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के कार्ययोजना 2026-27 के निर्देशन में दिनांकः 30.06.2026 को काशी राम आवास के पास, राबटर््सगंज जिला-सोनभद्र में कचरा प्रबन्धन के संबंध में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन श्री राहुल, सिविल जज, सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान शमशेर बहादुर सिंह, चीफ एल.ए.डी.सी. एवं 50 आमजन उपस्थित हुए।
सिविल जज, सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद्र द्वारा उपस्थित लोगो को बताया गया कि स्वस्थ समाज ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है तथा गंदगी को दूर भगाओं स्वच्छता कीे आदत अपनाओं एवं कचरा प्रबन्धन के तहत गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग डिब्बे जैसे- हरे डिब्बे में रसोई का कचरा फलो, और सब्जियों के छिलके या सड़ा हुआ खाना, नीले
डिब्बे में प्लास्टिक की बोतले, पाॅलिथीन, सूखा रद्दी कागज, लाल डिब्बे में इस्तेमाल की गई बैटरी, खराब ट्यूबलाइट/बल्ब, पीले डिब्बे में यूज्ड नैपकिन/डायपर, पट्टियां, एक्सपायरी दवाएं एवं काले डिब्बे में धूल-मिट्टी झाडू का कचरा इत्यादि के संबंध में उन्हे बताया गया तथा होने वाले लाभ व हानि के बारे में भी विस्तार से बताया गया। उक्त जानकारी राहुल, सिविल जज, सी0डि0/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद सोनभद द्वारा दी गयी।


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