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लखनऊ अग्निकांड के दिवंगत छात्रों को दुद्धी में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि: मासूम छात्रों की याद में उमड़ा जनसैलाब
सभी ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए इस दु:खद घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं।
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -
जनपद के दुद्धी क्षेत्र में शोक संवेदना और सामाजिक एकजुटता का भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला जब लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले मासूम छात्रों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश किन्नर प्रकोष्ठ प्रयाग एवं काशी की क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी ने किया।
श्रद्धांजलि सभा महा मंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी के निवास स्थान पर आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं तथा किन्नर समाज के लोगों ने पहुंचकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
सभा के उपरांत निकाले गए कैंडल मार्च में सैकड़ों लोग हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन भाव से आगे बढ़ते रहे। पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना रहा। मोमबत्तियों की रोशनी के बीच हर चेहरा इस दर्दनाक हादसे की पीड़ा को महसूस करता दिखाई दिया। कई लोगों की आंखें नम थीं और सभी ने एक स्वर में दिवंगत छात्रों के अधूरे सपनों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
Read More बकरी पालन व्यवसाय ग्रामीणोंके आय का सबसे अच्छा साधन साबित हो रहा है।-डॉ. मणि शंकर द्विवेदीअपने संबोधन में महामंडलेश्वर माँ किरन नंदगिरी ने कहा कि लखनऊ की यह घटना अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। जिन बच्चों ने अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए सपने संजोए थे, उनका इस तरह असमय चले जाना पूरे समाज कीअपूरणीय क्षति है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह हादसा केवल कुछ परिवारों का दुख नहीं बल्कि पूरे समाज की पीड़ा बन गया है। बेहतर शिक्षा और भविष्य की उम्मीद लेकर पढ़ाई कर रहे छात्रों की असामयिक मृत्यु ने हर संवेदनशील व्यक्ति को झकझोर दिया है। ऐसे समय में समाज का एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवता है। रामभजन यादव ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दुद्धी और रामनगर क्षेत्र के लोगों ने अपनी संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया है। कार्यक्रम में महंत लाडो नंदगिरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को ऐसी घटनाओं से सीख लेते हुए सुरक्षा मानकों के प्रति अधिक जागरूक होना होगा। उन्होंने दिवंगत छात्रों के अधूरे सपनों को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
श्रद्धांजलि सभा एवं कैंडल मार्च में मीरा नंदगिरी, सरस्वती नंदगिरी, चमेली नंदगिरी, सोनी नंदगिरी, सपना नंदगिरी, लक्ष्मी नंदगिरी सहित विश्व हिंदू महासंघ के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं साझा कीं।


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