फीचर्ड
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन योजना: पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था
जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार की खुली पोल! पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था
बस्ती। बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के राजपुर क्षेत्र में बनी एक पानी की टंकी में जैसे ही पानी भरा गया, टंकी की दीवारें जवाब दे गईं और देखते ही देखते पानी तेज धार के साथ बाहर निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में पूरी टंकी किसी झरने या वॉटरफॉल का नजारा पेश करने लगी।
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से पानी कई जगहों से रिसते हुए बाहर निकल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप लाइनें बिछाने का काम वर्षों पहले पूरा दिखा दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो कहीं पाइप लाइनें डालने के बाद काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में राजपुर की यह घटना पूरे जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
बताया जा रहा है कि टंकी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया है। हालांकि संबंधित ऑपरेटर का दावा है कि उसने टंकी में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी खामियों की जानकारी पहले ही ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को दी थी। उसके अनुसार कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कमियों को दूर करने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।
यह पहला मामला नहीं है जब जल जीवन मिशन की परियोजनाएं सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक पानी की टंकी तेज हवा के दौरान धराशायी हो गई थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब बस्ती की यह घटना भी यही संकेत दे रही है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जवाबदेही की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाती और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजनाओं की ऐसी दुर्दशा सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
राजपुर की फटी हुई पानी की टंकी केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि उन सवालों का प्रतीक बन गई है जो जल जीवन मिशन के तहत खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को महज एक तकनीकी खराबी मानता है या फिर इसकी तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करता है।
viral video India news gram panchayat basti news uttar pradesh news technical fault district administration government scheme water conservation water supply scheme Village Development Jal Jeevan Mission Jal Jeevan Mission UP Transparency in Governance Rural Development Basti district Administrative inquiry Social Media Viral Development Projects Basti latest news Corruption Allegations Contractor Negligence Civic Issues Rural Infrastructure Project Monitoring Public Welfare Projects Corruption in Development Works Public Interest News Government Accountability Public Funds Rural Welfare Scheme Infrastructure Failure Water Tank Leakage Rajpur Water Tank Drinking Water Project Rural Water Supply Construction Quality Water Tank Crack Administrative Lapses Pipeline Project Public Grievances Construction Defects Quality Control Development Department Government Investigation Contractor Accountability Infrastructure News Rajpur Basti Water Tank Collapse Risk Village Water Crisis Accountability and Transparency


Comments