अमोढ़ा पुलिस चौकी बनी शोपीस, ताले में कैद जनता की सुरक्षा

बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

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बस्ती। बस्ती जिले के छावनी थाना क्षेत्र स्थित अमोढ़ा पुलिस चौकी की कार्यशैली को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अमोढ़ा पुलिस चौकी अधिकांश समय बंद रहती है और चौकी पर न तो चौकी प्रभारी धर्मेंद्र प्रजापति मौजूद रहते हैं और न ही अन्य पुलिसकर्मी दिखाई देते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी समस्या, विवाद या शिकायत के लिए जब लोग चौकी पहुंचते हैं तो वहां ताला लटका मिलता है। इससे लोगों को मजबूर होकर छावनी थाने का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी अधिकतर समय थाने पर ही रहते हैं और चौकी केवल नाम मात्र की बनकर रह गई है।
 
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने जनता की सुरक्षा और त्वरित सहायता के लिए लाखों रुपये खर्च कर पुलिस चौकी का निर्माण कराया था, लेकिन जब चौकी पर पुलिसकर्मी मौजूद ही नहीं रहते तो इसका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि चौकी हमेशा बंद ही रहनी है तो उसके निर्माण का क्या औचित्य है।
 
क्षेत्रवासियों ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर चौकी की नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चौकी पर पुलिसकर्मियों की नियमित उपस्थिति से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बेहतर होगी और आम जनता को तत्काल सहायता मिल सकेगी।
 
 

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