*सिद्धार्थनगर में ग्राम रोजगार सेवकों का फूटा दर्द, प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा*

इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन सहित जिले के लगभग सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

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सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर सोमवार को ग्राम रोजगार सेवकों ने प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को कलेक्ट्रेट परिसर में घेर लिया। केंद्र सरकार के '12 साल बेमिसाल' कार्यक्रम के समापन के बाद  जनपद प्रभारी मंत्री जैसे ही बाहर निकले, प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। मंत्री को कड़ी धूप में करीब 15 मिनट तक खड़े होकर उनकी मांगें सुननी पड़ीं। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश मंत्री कुलदीप द्विवेदी के नेतृत्व में जिले भर से आए रोजगार सेवक अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी 10 सूत्रीय मांगों में नियमितीकरण, राज्य कर्मचारी का दर्जा, मानव संसाधन नीति लागू करना, बकाया मानदेय भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और न्यूनतम 24 हजार रुपये मासिक मानदेय शामिल हैं।
 यह घटना कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित '12 साल बेमिसाल' कार्यक्रम के  बाद हुई। इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री अनिल राजभर के साथ जिले के कई अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम समाप्त होने पर मंत्री जैसे ही सभागार से बाहर आए, रोजगार सेवक उनकी ओर बढ़े और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मंत्री के चारों ओर जमा हो गए।
 
इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन सहित जिले के लगभग सभी वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। अचानक बनी इस स्थिति को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे।
 
कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और अधिकारियों की निगाहें मंत्री और प्रदर्शनकारियों के बीच चल रही बातचीत पर टिकी रहीं। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री को बताया कि प्रदेश में लगभग 36 हजार ग्राम रोजगार सेवक पिछले कई वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे हैं। वे लंबे समय से अपनी मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं। प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने ग्राम रोजगार सेवकों को आश्वासन दिया कि  मांगों पर विचार होगा।
 
 

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