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मिर्जापुर गंगा पूजन के दौरान 7 वर्षीय बालक डूबा, तलाश जारी
मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी।
मिर्जापुर।चिल्ह थाना क्षेत्र के भोगांव स्थित प्राचीन गंगा घाट पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक हृदयविदारक घटना सामने आई। गंगा पूजन समारोह में शामिल होने आए 7 वर्षीय बालक श्रेयांश की गंगा नदी में डूबकर मौत हो गई। घटना के बाद से घाट पर कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से बालक की तलाश में जुटी है। खबर लिखे जाने तक शव बरामद नहीं हो सका था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रेयांश पुत्र संघर्ष उर्फ बबलू निवासी ग्राम महादेवा, थाना औराई, जनपद संत रविदास नगर भदोही अपने परिवार के साथ चचेरे बड़े भाई के बेटे के गंगा पूजन कार्यक्रम में भोगांव आया था। श्रेयांश दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके पिता संघर्ष मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में काम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, श्रेयांश की मां लक्ष्मी देवी अपने तीनों बच्चों के साथ गंगा स्नान कर रही थीं। उन्होंने पहले एक बेटे और बेटी को स्नान कराकर घाट की सीढ़ियों पर बैठा दिया। इसके बाद वह श्रेयांश को नहलाने लगीं। इसी दौरान जब कुछ सेकंड के लिए उन्होंने नजरें फेरीं तो श्रेयांश घाट पर नहीं दिखा। मां ने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया।
Read More फर्जी एससी-एसटी एक्ट के विरोध में ब्राह्मण समाज का प्रदर्शन, गणेश शर्मा को न्याय दिलाने की उठी मांगघाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर बालक को खोजना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही चील्ह थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तत्काल स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया। एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई है।
श्रेयांश के बड़े पिता अवधेश ने बताया कि पूरा परिवार गंगा पूजन की खुशी में आया था, लेकिन पलभर में खुशियां मातम में बदल गईं। घटना से भोगांव समेत महादेवा गांव में शोक का माहौल है। मां लक्ष्मी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम प्रधान सूरज सिंह ने बताया कि श्रेयांश का परिवार बेहद गरीब है। उसके पिता बच्चों की पढ़ाई और परवरिश के लिए मुंबई में मजदूरी करते हैं। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने की मांग की है।
थानाध्यक्ष चील्ह ने बताया कि गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी में तेज बहाव के कारण दिक्कत आ रही है। शव मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। गर्मी में घाटों पर भीड़ बढ़ जाती है, लेकिन न तो बैरिकेडिंग है और न ही सुरक्षा गार्ड।


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