राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अन्तर्गत संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के साथ अन्य ऐसे विद्वान महानुभाव जिनके पास पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह हो करायें उपलब्ध- जिलाधिकारी

पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह हो से अपेक्षा की जाती है कि 15 अप्रैल, 2026 के सायं 05ः00 बजे तक जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, सोनभद्र विकास भवन कक्ष संख्या-57 या जिला सूचना कार्यालय के कक्ष संख्या 32 कलेक्ट्रेट भवन में उपलब्ध कराये।

राजेश तिवारी Picture
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सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -

जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने अवगत कराया है कि ज्ञान भारतम् मिशन के अन्तर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अन्तर्गत जनपद सोनभद्र के गौरवशाली विरासत व इतिहास से सम्बन्धित पाण्डुलिपि का संग्रह किया जाना है। जिसके लिए जनपद सोनभद्र में सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है, इस कार्य हेतु जनपद में स्थित निजी संस्थान, संस्कृत पाठशालाएं, मन्दिर, मठ, आश्रम, गुरूकुल, ट्रस्ट आदि के साथ ऐसे निजी संग्रहकर्ता जिसमें पुरोहित धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आर्युवेदाचार्य संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के साथ अन्य ऐसे विद्वान महानुभाव जिनके पास पाण्डुलिपियों का निजी संग्रह हो से अपेक्षा की जाती है कि 15 अप्रैल, 2026 के सायं 05ः00 बजे तक जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, सोनभद्र विकास भवन कक्ष संख्या-57 या जिला सूचना कार्यालय के कक्ष संख्या 32 कलेक्ट्रेट भवन में उपलब्ध कराये।

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