सचिव राम जस वर्मा ही बने ग्राम पंचायत बरहपुर के भ्रष्टाचार के खेवन हार

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बस्तीl बस्ती जिले के हर्रैया विकासखण्ड हर्रैया में तैनात सचिव राम जस वर्मा ग्राम पंचायत बरहपुर के भ्रष्टाचार के खेवन हार बने हुए हैं । ग्राम पंचायत बरहपुर में तालाब खुदाई / सफाई के नाम पर सरकारी धन को लूटने में सचिव राम जस वर्मा अहम भूमिका निभा रहे हैं । सचिव राम जस वर्मा द्वारा मनरेगा एक्ट की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है । विकास के नाम पर ग्राम पंचायत बरहपुर में बड़ा खेल किया जा रहा है ।
 
सूत्रों के मुताबिक ग्राम पंचायत बरहपुर में दो साइडों पर तालाब खुदाई / सफाई कार्य का आनलाइन मस्टर रोल जारी है । दोनों साइडों पर आनलाइन मस्टर रोल पर 170 मनरेगा मजदूर कार्य कर रहे हैं । 170 मनरेगा मजदूरों की फर्जी हाजिरी लग रही है । तालाब खुदाई / सफाई कार्य में धरातल पर वर्तमान समय में एक भी मनरेगा मजदूर कार्य नही कर रहे हैं । एक सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर / सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी । सोशल मीडिया पर / सम्मानित समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद भी दोनों साइडों पर तालाब खुदाई / सफाई कार्य मात्र कागज तक ही सीमित है धरातल पर कोई मनरेगा मजदूर कार्य नही कर रहे हैं ।
 
सचिव राम जस वर्मा ऐसे सचिव है जो किसी का भी फोन नही उठाते हैं चाहे किसी ग्राम पंचायत का कोई सदस्य हो या अन्य व्यक्ति हो । सचिव राम जस वर्मा के फोन न उठने के सत्यता की जांच किसी भी समय किसी अधिकारी / कर्मचारी / अन्य व्यक्ति द्वारा किसी कार्य दिवस में किया जा सकता है । जे ई ( तकनीकी सहायक ) रघुनाथ पटेल भी भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे हुए हैं । एक सप्ताह पहले खबर प्रकाशित होने के पहले मीडिया टीम को बताया था कि मैं दोनों तालाब खुदाई / सफाई कार्य साइड पर जाकर देख कर बताता हूं कि दोनों साइडों पर मनरेगा मजदूर कार्य कर रहे हैं कि नही ।
 
लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी जे ई ( तकनीकी सहायक ) रघुनाथ पटेल ने मीडिया टीम को कोई जानकारी नही दिया है । इस सम्बंध में खण्ड विकास अधिकारी सुशील कुमार पाण्डेय ने मीडिया टीम को बताया कि उक्त प्रकरण में तत्काल जांच करवाकर कार्रवाई करता हूं ।
 
 

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