सेंट्रल जेल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता सेमिनार और काउंसलिंग कैंप

-कैदियों को ड्रग्स के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में जानकारी दी गई

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पटियाला, स्वतंत्र प्रभात 
 
भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत सेंट्रल जेल पटियाला में एक खास जागरूकता सेमिनार और काउंसलिंग कैंप लगाया गया ताकि जेल में बंद कैदियों और बंदियों को ड्रग्स के बुरे असर के बारे में जागरूक किया जा सके।
 
जेल सुपरिटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल की लीडरशिप में हुए इस सेमिनार के दौरान ब्रह्म कुमारी डॉ. रमा ने कैदियों को ड्रग्स के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में डिटेल में जानकारी दी और उन्हें किसी भी तरह के ड्रग्स से दूर रहने और नशा छोड़ने के लिए मोटिवेट किया। इस मौके पर कैदियों और जेल स्टाफ को नशा मुक्त जीवन की शपथ भी दिलाई गई और भविष्य में ड्रग्स से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ भी ली गई।
 
सेंट्रल जेल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता सेमिनार और काउंसलिंग कैंप
 
जेल सुपरिटेंडेंट गुरचरण सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (जेल) आर. के. जायसवाल के निर्देशों के अनुसार, पंजाब की जेलों को पूरी तरह से नशा-मुक्त रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, कैदियों के मानसिक और सामाजिक सुधार के लिए जेल विभाग की ओर से कई तरह की कोशिशें भी की जा रही हैं।
 
सुपरिटेंडेंट धालीवाल ने कहा कि हाल ही में पंजाब प्रिज़न ओलंपिक्स का आयोजन किया गया था, जिसमें पंजाब राज्य की सभी जेलों के कैदियों ने अलग-अलग खेलों में हिस्सा लिया था। इसके अलावा, जेलों में कैदियों के स्किल डेवलपमेंट के लिए ITIs के साथ मिलकर कई तरह के कोर्स भी करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैदियों के सुधार और पुनर्वास के लिए ऐसी कोशिशें भविष्य में भी जारी रहेंगी।
 
सेमिनार के दौरान, ‘सिख्या दाता’ प्रोग्राम के तहत अलग-अलग क्लास के सेमेस्टर पास करने वाले कैदियों को सर्टिफिकेट भी बांटे गए। इस मौके पर एडिशनल सुपरिटेंडेंट अर्पणजोत सिंह और जयदीप सिंह, डिप्टी सुपरिटेंडेंट आदर्शपाल सिंह और असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट गुरजिंदर सिंह भी मौजूद थे।

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