धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर आनंद बुद्ध विहार में वर्षावास प्रारंभ

भिक्खुनी अत्तदीपा ने लिया वर्षावास संकल्प

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

लखनऊ।  राजधानी लखनऊ में 9 जुलाई आषाढ़ पूर्णिमा के पावन अवसर पर मानसरोवर योजना स्थित आनंद बुद्ध विहार, औरंगाबाद खालसा, सेक्टर-पी में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस एवं वर्षावास प्रारंभ कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूज्या भिक्खुनी अत्तदीपा जी ने वर्षावास का शुभारंभ करते हुए आगामी तीन माह तक इसी विहार में निवास कर साधना, अध्ययन एवं धम्म प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ही भगवान बुद्ध ने बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के पश्चात सारनाथ में अपने पांच पूर्व साथियों को प्रथम उपदेश देकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में बौद्ध समाज इस दिन को धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में मनाता है। इसी दिन बुद्ध संघ की स्थापना भी हुई थी, जिसके कारण यह दिन बौद्ध परंपरा में गुरु पूर्णिमा के रूप में भी विशेष महत्व रखता है।

आनंद बुद्ध विहार समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष डॉ. लाल, सचिव जी.पी. भारतीय, कोषाध्यक्ष  कालीचरण तथा समिति सदस्य राजेश दोहरे, सत्यभान सिंह, राजेंद्र एवं सी.एल. कुरील सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अंबेडकर विचार मंच, साउथ सिटी के ओम नारायण अहिरवार, डॉ. आनंद स्वरूप,  के.एम. कौशल एवं उनके सहयोगियों, वृंदावन योजना के  आर.के. गौतम तथा बुद्धिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया के बौद्धाचार्य जगदीश एवं बौद्धाचार्य वीर बहादुर बौद्ध का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भिक्खु संघ द्वारा बुद्ध वंदना से हुआ। इसके उपरांत धम्मदेशना का आयोजन किया गया तथा भिक्खु संघ को भोजन दान अर्पित किया गया। अंत में उपासक-उपासिकाओं को भोजन कराकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें