राष्ट्रीय ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में असम विश्वविद्यालय 11वें स्थान पर

मिली गोल्ड रेटिंग

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श्रीभूमि  : पर्यावरण संरक्षण, जलवायु अनुकूल पहल और हरित परिसर के विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए असम विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है। यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त पर्यावरणीय संस्था ग्रीन मेंटर्स की नेशनल ग्रीन यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय को देशभर में 11वां स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है। परिसर के पर्यावरणीय प्रदर्शन और आवश्यक दस्तावेजों के विस्तृत मूल्यांकन के आधार पर जारी इस रैंकिंग में असम विश्वविद्यालय ने 100 में से 92.9 अंक अर्जित किए हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विश्वविद्यालय को गोल्ड रेटिंग से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन उच्च शिक्षण संस्थानों को दिया जाता है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ पर्यावरणीय उत्तरदायित्व, कार्बन उत्सर्जन में कमी और जलवायु जागरूकता को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देते हैं।
 
ग्रीन मेंटर्स की मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह तथ्य एवं साक्ष्य आधारित रही।100 अंकों की रैंकिंग 10 प्रमुख मानकों पर निर्धारित की गई, जिनमें परिसर की जैव विविधता एवं हरित क्षेत्र, कार्बन और जलवायु कार्ययोजना, पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना, ऊर्जा दक्षता, जल प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामाजिक सहभागिता जैसे पहलू शामिल थे। यह मूल्यांकन ढांचा भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) तथा यूनेस्को के ग्रीनिंग हायर एजुकेशन फ्रेमवर्क के अनुरूप तैयार किया गया है। इस राष्ट्रीय उपलब्धि के बाद असम विश्वविद्यालय को आगामी सितंबर में न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले 10वें एनवाईसी ग्रीन स्कूल कॉन्फ्रेंस 2026 में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन में दुनिया भर के शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और पर्यावरण विशेषज्ञों की उपस्थिति में विश्वविद्यालय को सम्मानित किया जाएगा।
 
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदोष किरण नाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और छात्र लंबे समय से परिसर को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसी दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।

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