जिलाधिकारी के अनुमोदन से सहकारी समितियों को यूरिया एवं डीएपी उर्वरक आवंटित

उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी-जिलाधिकारी

राजेश तिवारी Picture
Published On

राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -

जिलाधिकारी सोनभद्र के अनुमोदन से खरीफ अभियान-2026 के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की संस्तुति के आधार पर जनपद की सहकारी समितियों एवं इफको केन्द्रों को यूरिया एवं डीएपी उर्वरक का आवंटन स्वीकृत किया गया है। इसके अंतर्गत 70 सहकारी समितियों को कुल 1017.00 मीट्रिक टन यूरिया तथा 73 सहकारी समितियों एवं इफको के 12 केन्द्रों को कुल 1155.00 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक आवंटित किया गया है।

स्वीकृत आवंटन के अनुरूप पीसीएफ द्वारा संबंधित समितियों एवं उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर उर्वरक भेजने की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसान बंधुओं से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति अथवा उर्वरक बिक्री केन्द्र से संपर्क कर उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित एवं उचित मूल्य पर ही उर्वरक खरीदें। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों को समयबद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई एवं उत्पादन प्रभावित न हो।

"एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत भाजपा नेताओं में किया गया वृक्षारोपण Read More "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत भाजपा नेताओं में किया गया वृक्षारोपण

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी किसान को ऐसी कोई शिकायत प्राप्त होती है तो वह तत्काल सहकारिता विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9198788248 एवं 9451637073, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के मोबाइल नंबर 9452165778 अथवा अपर जिला कृषि अधिकारी के मोबाइल नंबर 8881173660 पर सूचना दें। प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन द्वारा तत्काल जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

किसानों को मिलेगा प्रमाणित कृषि निवेश, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं गन्ना खेती में पारदर्शिता की नई पहल, परीक्षण के बाद ही मिलेगा कृषि निवेश " Read More किसानों को मिलेगा प्रमाणित कृषि निवेश, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं गन्ना खेती में पारदर्शिता की नई पहल, परीक्षण के बाद ही मिलेगा कृषि निवेश "

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार