MIDH योजना से बदली किसान रामजनम वर्मा की तकदीर, नेट हाउस-पॉली हाउस खेती से पहला चक्र में ही 3.60 लाख की शुद्ध आय

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अम्बेडकरनगर     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) योजना ने अकबरपुर ब्लॉक के ग्राम अलावलपुर निवासी प्रगतिशील किसान रामजनम वर्मा की तकदीर बदल दी है। पारंपरिक खेती से जूझ रहे वर्मा ने 50 प्रतिशत अनुदान पर 2000 वर्ग मीटर क्षेत्र में नेट हाउस और पॉली हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती अपनाई।
 
नेट हाउस में खीरा और पॉली हाउस में गुलाब की खेती कर उन्होंने पहले ही चक्र में 3.60 लाख रुपये की शुद्ध आय हासिल की है।पहले खुले खेतों में खीरे की खेती से रामजनम वर्मा को महज 1.50 लाख रुपये की शुद्ध आय होती थी और मौसम, कीट-रोग व बाजार की अनिश्चितता उनकी आमदनी को प्रभावित करती थी। उद्यान विभाग की MIDH योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आधुनिक तकनीक अपनाने का फैसला किया। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में 17.20 लाख रुपये की लागत से नेट हाउस (50% अनुदान) स्थापित किया गया।
 
संरक्षित वातावरण में खीरे का उत्पादन बढ़कर 30-35 टन हो गया, जो पारंपरिक खेती से दोगुने से भी अधिक है। बेहतर गुणवत्ता के कारण उपज को अच्छे दाम मिले और पहले चक्र में ही 3.60 लाख रुपये की शुद्ध आमदनी हुई। इसी क्रम में पॉली हाउस में गुलाब की खेती शुरू की गई, जहां प्रतिदिन 10-15 किलो फूल 120 से 150 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं।रामजनम वर्मा अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनके खेत पर किसान आधुनिक संरक्षित खेती देखने पहुंच रहे हैं।
 
उन्होंने कहा, “सही तकनीक, विभागीय मार्गदर्शन और सरकारी योजना का लाभ लेकर कम भूमि में अधिक उत्पादन और बेहतर आय संभव है। अब मौसम पर निर्भरता खत्म हो गई है और खेती लाभ का साधन बन गई है।”जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने रामजनम वर्मा की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि MIDH योजना किसानों को संरक्षित खेती, उच्च गुणवत्ता उत्पादन और बेहतर विपणन के अवसर दे रही है।
 
उन्होंने जनपद के सभी किसानों से अपील की कि वे उद्यान विभाग से संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठाएं और कृषि को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने में योगदान दें।रामजनम वर्मा की यह उपलब्धि साबित करती है कि मेहनत, आधुनिक तकनीक और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के समन्वय से खेती को घाटे के व्यवसाय से निकालकर लाभदायक उद्यम बनाया जा सकता है। वे भविष्य में नेट हाउस का विस्तार कर अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों को भी अपनाने की योजना बना रहे हैं।

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