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विंध्याचल धाम में पत्रकार से बदसलूकी और मारपीट, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन में भारी आक्रोश; जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मीरजापुर।
सवादादाता प्रवीण तिवारी
मीरजापुर। आस्था के वैश्विक केंद्र सुप्रसिद्ध विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी के मंदिर परिसर से एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय मामला प्रकाश में आया है। यहाँ कर्तव्य पालन और दर्शन के दौरान
पत्रकार रामलाल साहनी के साथ वहां तैनात एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हुए इस सीधे हमले के बाद पूरे जिले के मीडिया जगत में भारी उबाल है।
इस घटना को लेकर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मीरजापुर के जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया है और दोषी के खिलाफ आर-पार की कार्रवाई की मांग की है।
रक्षक ही बना भक्षक, मंदिर परिसर में पत्रकार से दुर्व्यवहार
विंध्याचल मंदिर परिसर में हुई इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पत्रकार रामलाल साहनी के साथ हुई इस बर्बरता पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजय ओझा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
अजय ओझा ने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील है। जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकारों के साथ इस तरह की अभद्रता,
गाली-गलौज और हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि पत्रकारों के सम्मान से खिलवाड़ संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
सिर्फ लाइन हाजिर करना महज औपचारिकता, राजपत्रित अधिकारी से हो जांच
अजय ओझा ने जिला पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में संबंधित पुलिसकर्मी को केवल लाइन हाजिर कर देना पर्याप्त नहीं है। यह अक्सर केवल मामले को शांत करने की
एक विभागीय औपचारिकता बनकर रह जाता है। एसोसिएशन ने पुरजोर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच किसी राजपत्रित पुलिस अधिकारी (सीओ स्तर) से
कराई जानी चाहिए। जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ ऐसी कठोर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जो भविष्य के लिए एक नजीर बने।
भक्तों के विश्वास और पत्रकारों की सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन का मानना है कि विंध्याचल धाम जैसी परम पवित्र जगह पर, जहां रोजाना देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं, वहां पुलिस का ऐसा हिंसक चेहरा बेहद चिंताजनक है। यदि रक्षक ही मर्यादा भूलकर इस तरह का आचरण करेंगे, तो आम जन और मां के भक्तों
का कानून-व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा। इसके साथ ही एसोसिएशन ने जिला पुलिस प्रशासन को चेताया है कि जिले के सभी पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाए। संगठन ने साफ कहा कि भविष्य में ऐसी
किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए, अन्यथा पत्रकार समाज चुप नहीं बैठेगा और इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा।


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