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राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी भीड़
163 चालानों का हुआ निष्पादन
सुपौल। टाउन हॉल, सुपौल में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक एवं परिवहन विभाग से जुड़े लंबित चालानों के निष्पादन को लेकर सुबह से देर शाम तक भारी भीड़ उमड़ी रही। बड़ी संख्या में वाहन स्वामी अपने लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए पहुंचे और विभिन्न सहायता व भुगतान काउंटरों पर कतार में लगे रहे।
बिहार सरकार की “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना–2026” के तहत आयोजित इस विशेष अभियान में लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ट्रैफिक चालानों का त्वरित निष्पादन किया गया। योजना के अंतर्गत शमन राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत मिलने से वाहन स्वामियों में खासा उत्साह देखा गया।
टाउन हॉल परिसर में सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई वाहन स्वामी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचे थे। परिवहन विभाग की ओर से चालान सत्यापन, भुगतान, तकनीकी सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहां अधिकारियों और कर्मियों ने लोगों की मदद की। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।
समाचार लिखे जाने तक लगभग 163 चालानों का निष्पादन किया जा चुका था, जबकि करीब 3 लाख 46 हजार 500 रुपये की राशि जमा हुई थी। अधिकारियों के अनुसार देर शाम तक यह संख्या और बढ़ने की संभावना थी।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुपौल ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए आम लोगों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित न्याय एवं जनसुविधा उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है।
वहीं जिला पदाधिकारी, सुपौल ने भी विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण कर निष्पादन प्रक्रिया को और सरल एवं व्यवस्थित बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि लोक अदालत में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का कार्य पारदर्शी एवं सहज तरीके से हो।
जिला प्रशासन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पेयजल, बैठने की व्यवस्था, सहायता डेस्क एवं तकनीकी सहयोग की समुचित व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को पुराने ट्रैफिक चालानों एवं भारी जुर्माने से राहत देना, लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करना तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है।


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