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बिहार में बड़ा कैबिनेट विस्तार कल
निशांत कुमार समेत 27-28 मंत्री लेंगे शपथ
बिहार ब्यूरो स्वंतत्र प्रभात एम रौशन
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
बिहार की राजनीति में बुधवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राजधानी गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार होने जा रहा है। इस दौरान करीब 27 से 28 मंत्री शपथ ले सकते हैं।यह आयोजन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
निशांत कुमार पर सबकी नजर इस शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात यह मानी जा रही है कि निशांत कुमार को भी मंत्री बनाया जा सकता है। वे नीतीश कुमार के बेटे हैं और पहली बार सक्रिय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाते दिख सकते हैं।
शपथ ग्रहण का समय
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह करीब 11:30 बजे पटना पहुंचेंगे, जबकि शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 12:10 बजे शुरू होने की संभावना है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एक दिन पहले ही पटना पहुंचकर मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे सकते हैं।
गठबंधन में संतुलन की कोशिश
मंत्रिमंडल विस्तार में एनडीए के घटक दलों के बीच संतुलन साधने की रणनीति साफ दिखाई दे रही है। संभावित फॉर्मूले के तहत
भाजपा को लगभग 12 मंत्री पद जनता दल (यू) को करीब 12 मंत्री पद
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 2 मंत्री पद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक जनता दल को 1-1 मंत्री पद
संभावित चेहरे
संभावित नामों पर चर्चा तेज भाजपा की ओर से विजय कुमार सिन्हा,, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, राम कृपाल यादव और संजय सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं।वहीं जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान, सुनील कुमार, शीला मंडल, रत्नेश सदा, बुलो मंडल, भगवान सिंह कुशवाहा, दामोदर रावत और निशांत कुमार के नाम सामने आ रहे हैं।सहयोगी दलों में चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (रामविलास) से संजय सिंह और संजय पासवान के नाम तय माने जा रहे हैं।
पहले से ज्यादा भव्य होगा आयोजन
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को जब सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब कार्यक्रम अपेक्षाकृत सादा था। लेकिन इस बार का आयोजन भव्य स्तर पर किया जा रहा है, जिससे सरकार अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है। मिलाकर, यह कैबिनेट विस्तार बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला अहम कदम साबित हो सकता है। सभी की नजरें आज होने वाले इस बड़े राजनीतिक आयोजन पर टिकी हैं।


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