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फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का हेरफेर करने वाले गैंग का मुखिया महफूज गिरफ्तार 
थाना अदलहाट व एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा विवेचना से पूर्व में थाना अदलहाट पर पंजीकृत अपहरण की घटना असत्य पायी गयी, सम्पूर्ण प्रकरण में षडयंत्र करने वाले कुल 06 अभियुक्त/अभियुक्ता गिरफ्तार वादिनी ही निकली मुख्य साजिशकर्ता

फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का हेरफेर करने वाले गैंग का मुखिया महफूज गिरफ्तार 

पुलिस जांच में संबंधित 68 बैंक खातों में लगभग ₹3000 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं।

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कानपुर। फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
 
 इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि थाना चकेरी प्रकरण के अंतर्गत एक लूट की घटना हुई थी लेकिन इस लूट की घटना को वादी द्वारा छिपाया गया था तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करता था। तथापि पुलिस टीम द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर गहन जांच एवं सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से लगभग ₹11,00,000 की बरामदगी की गई।
 
पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि पूछताछ में महफूज उर्फ पप्पू चोरी गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में सामने आए हैं, जो भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर, लोन एवं बीमा दिलाने का झांसा देकर उनका दुरुपयोग करते थे। इनके द्वारा फर्जी जीएसटी फर्में भी पंजीकृत कराई गई थीं।
 
पुलिस जांच में संबंधित 68 बैंक खातों में लगभग ₹3000 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है। प्रकरण में जीएसटी एवं आयकर विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
 
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि एपीएमसी प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारी मात्रा में धन का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया तथा धनराशि का संबंध स्लॉटर एवं स्क्रैप व्यवसाय से भी जुड़ा पाया गया है। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।

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