'प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे हैं सरकारी डाॅक्टर'- इलाहाबाद हाईकोर्ट

इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम ने कार्यवाही की थी, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम ने कार्यवाही की थी, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।

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ब्यूरो प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले मोतीलाल नेहरू (एमएलएन) मेडिकल काॅलेज प्रयागराज के डाॅक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करा कर कार्रवाई करने का निर्देश मुख्य सचिव को दिया है। साथ ही कहा है कि मुख्य सचिव स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करें।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की हालत फंड व सुविधाओं की कमी के कारण नहीं बल्कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व लेक्चररों के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों में करने के कारण खराब है। ये सरकारी डाक्टर प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे हैं। प्राइवेट नर्सिंग होम में ले जाकर मरीजों की सर्जरी करते हैं।

याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 26 मई नियत करते हुए कोर्ट ने मुख्य सचिव से कृत कार्रवाई की जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम ने कार्यवाही की थी, जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।

कोर्ट ने अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता से कहा है कि अस्पताल के पक्ष में जमीन स्थानांतरित करने संबंधी कैबिनेट के अनुमोदन की जानकारी दें। अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता सुरेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए 31,314 वर्गमीटर जमीन स्थानांतरित करने के लिए सभी विभागों से अनापत्ति प्राप्त हो गई है।

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प्राचार्य डा विनोद कुमार पांडेय ने ब्वायज व गर्ल्स हास्टल के बारे में बताया कि भवन जर्जर है। खाली करने की नोटिस दी गई है। भवन ध्वस्त कर पुनर्निर्माण कराया जायेगा।कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट किया कि दो मंजिला कार्डियोलॉजी भवन का निर्माण 2006 मे शुरू हुआ राजकीय निर्माण निगम निर्माण कर रहा। सरकार ने फंड मुहैया कराया है। अभी भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका। इसपर बताया गया कि अगस्त 26 मे तैयार होकर क्रियाशील हो जायेगा।

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कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डा संतोष कुमार सिंह व उनकी पत्नी डा एलाक्षी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जो एक्यूला हास्पिटल की डायरेक्टर हैं। जहां पर डा संतोष कुमार सिंह मरीज लेजाकर सर्जरी करते हैं। जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।

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