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खजनी तहसील में डीएम का औचक निरीक्षण, अभिलेखों से लंबित मामलों तक परखी व्यवस्था
एडीएम प्रशासन व नवागत एसडीएम की मौजूदगी में चल रहा था मुआयना, शाम पांच बजे अचानक पहुंचे जिलाधिकारी
रिपोर्टर/रामअशीष तिवारी (ख़जनी तहसील)
खजनी, गोरखपुर। खजनी तहसील में गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों के मुआयने के दौरान देर शाम करीब पांच बजे जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा के औचक निरीक्षण से अधिकारियों और कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ गई। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर की साफ-सफाई, रख-रखाव, अभिलेखों की स्थिति और राजस्व कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन डॉ. वैभव शर्मा, एसडीएम खजनी कुणाल रस्तोगी और तहसीलदार ध्रुवेश कुमार मौजूद रहे।
एसडीएम न्यायालय से रजिस्ट्रार कार्यालय तक जांच
जिलाधिकारी ने सबसे पहले तहसील परिसर के विभिन्न कार्यालयों और पटलों का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम न्यायालय में लंबित और पुराने मामलों से संबंधित पत्रावलियों को देखा तथा मामलों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित वादों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो और फरियादियों को समय पर राहत मिले।
इसके बाद रजिस्ट्रार कार्यालय और रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर महत्वपूर्ण दस्तावेजों एवं अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति परखी गई। पुराने निरीक्षणों में सामने आई कमियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने देखा कि पूर्व में दिए गए निर्देशों पर कितना अमल हुआ है। जिन व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत मिली, उन्हें तत्कालदुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।नए भवन व पुराने भवन का भी जायजा, लिया
सफाई पर विशेष जोर
डीएम ने तहसील के नए भवन का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ-सफाई और कार्यालयों के रख-रखाव को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान तहसील के अधिकारी, कर्मचारी और लेखपाल मौजूद रहे।
बैठक में राजस्व कार्यों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ राजस्व कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नवागत एसडीएम कुणाल रस्तोगी को भी तहसील की व्यवस्थाओं और लंबित कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
डीएम के प्रमुख निर्देश
दाखिल-खारिज: मामलों का निस्तारण 45 दिन के भीतर किया जाए।वरासत: प्रकरण 30 दिन के भीतर हर हाल में निस्तारित हों।
लेखपाल कैंप: प्रत्येक लेखपाल सप्ताह में तीन दिन गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुने।
फरियादियों से व्यवहार: किसी भी स्तर पर अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।हेल्प डेस्क: तहसील की हेल्प डेस्क को सक्रिय रखा जाए।साप्ताहिक रिपोर्ट: लंबित प्रकरणों की रिपोर्ट नियमित रूप से जिलाधिकारी कार्यालय भेजी जाए।
औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रभावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने और तहसील की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा ।


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