मलिहाबाद में जमीन विवाद गहराया, दबंगई और जबरन कब्जे की आशंका

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार

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मलिहाबाद, लखनऊ।  मलिहाबाद क्षेत्र के ग्राम रामपुर बस्ती में जमीन विवाद का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें लगातार जान-माल का खतरा बना हुआ है। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से पहले दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

पीड़ित परिवार के अनुसार करन रावत, धर्म रावत, राजवीर रावत और नैना रावत इस विवाद से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि गांव में एक बिस्वा जमीन की कीमत लगभग पांच लाख रुपये है, लेकिन उनके बड़े भाई को शराब पिलाकर और बहला-फुसलाकर बेहद कम कीमत पर जमीन का बैनामा करा लिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान रामशंकर की भूमिका संदिग्ध रही और एक कथित दलाल के माध्यम से साजिश रचकर जमीन का सौदा कराया गया। परिवार का यह भी आरोप है कि बैनामे के बाद पूरी रकम भी उन्हें नहीं मिली।

पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्तमान में विवाद और गंभीर हो गया है। उनका आरोप है कि जिस दलाल ने जमीन का सौदा कराया था, अब उसी पर खरीददार पक्ष दबाव बना रहा है कि उसने जमीन खरीदवाई है तो अब कब्जा भी वही दिलाए, अन्यथा पूरी रकम वापस करे। इसी को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

धर्म रावत और राजवीर रावत जब अपने खेत पर पहुंचे तो वहां मौजूद कई ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि ग्राम प्रधान रामशंकर कथित रूप से दबंगई के बल पर जमीन पर कब्जा कराने की योजना बना रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कभी भी गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उनका कहना है कि एक ऐसे दरोगा, जिसका संबंधित हल्के से तबादला हो चुका है, वह भी उन्हें लगातार फोन कर थाने बुला रहा है और जांच के नाम पर दबाव बना रहा है। पीड़ितों ने सवाल उठाया कि यदि जांच बैंक खातों, जमीन के दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों से हो सकती है तो उन्हें बार-बार थाने बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष आर्थिक एवं दस्तावेजी जांच कराई जाए, कथित दबंगों और साजिश में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी संभावित अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

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