नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
UPSC 2023 बैच के ट्रेनी अधिकारी पर गंभीर आरोप,
ट्रेनी IPS अधिकारी पर महिला बैचमेट से मारपीट, उत्पीड़न और ब्लैकमेल के आरोप
ट्रेनी IPS अधिकारी पर महिला बैचमेट से मारपीट, उत्पीड़न और ब्लैकमेल के आरोप, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
UPSC 2023 बैच के ट्रेनी अधिकारी पर गंभीर आरोप, प्रशिक्षण के दौरान दर्ज हुआ मामला
खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)
नई दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के UPSC 2023 बैच के एक ट्रेनी अधिकारी उदय कृष्णन रेड्डी गंभीर आपराधिक आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। उनके खिलाफ उनकी ही महिला बैचमेट, जो स्वयं एक ट्रेनी IPS अधिकारी हैं, ने शारीरिक हमला, उत्पीड़न, ब्लैकमेल और निजी वीडियो के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
महिला अधिकारी ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायत के अनुसार, महिला ट्रेनी IPS अधिकारी ने आरोप लगाया है कि प्रशिक्षण के दौरान उदय कृष्णन रेड्डी ने उनके साथ शारीरिक हिंसा की। शिकायत में कहा गया कि उनके चेहरे, जांघों और गर्दन पर चोट के निशान पाए गए। महिला अधिकारी का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उनका मानसिक उत्पीड़न किया, उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की तथा कथित रूप से निजी वीडियो बनाकर उसे उनके पति तक भेजने का प्रयास किया।
18 जुलाई को दर्ज कराई गई शिकायत
पीड़ित अधिकारी ने 18 जुलाई को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मेडिकल परीक्षण, साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
आत्महत्या के प्रयास की भी आई खबर
शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी ट्रेनी IPS अधिकारी द्वारा कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किए जाने की भी खबर सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया और सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
पुलिस जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
Read More माईलस्टोन एकेडमी में लगा नि:शुल्क दंत परीक्षण शिविर, बच्चों को मिले सेहतमंद दांतों के टिप्सप्रशिक्षण के दौरान ही सामने आया मामला
बताया जा रहा है कि आरोपी अधिकारी की प्रशिक्षण अवधि अभी पूरी नहीं हुई थी और उन्हें अभी किसी फील्ड पोस्टिंग पर तैनात भी नहीं किया गया था। ऐसे में प्रशिक्षण के दौरान ही साथी अधिकारी द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों ने पुलिस सेवा से जुड़े प्रशिक्षण तंत्र और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले पर अंतिम फैसला अदालत करेगी
फिलहाल आरोपी अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस जांच और अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही मामले में अंतिम निर्णय होगा। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माना जाता है।


Comments