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जान से बड़ा जमीन एक बीघा जमीन दो, तभी होगा पोस्टमार्टम
तीन दिनों से आरोपी के घर में रखा है मासूम का शव
सुपौल, स्वतंत्र प्रभात
सुपौल जिले के त्रिबेनीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 0 1 से आश्चर्यजनक खबर आ रही हैं, जहाँ कुपड़िया गांव में एक चार वर्षीय मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद पिछले तीन दिनों से गाँव मे भारी तनाव बना हुआ है।
आक्रोशित परिजनों ने मासूम के शव को कथित आरोपी के घर में रखकर धरना शुरू कर दिया है। परिजनों की शर्त है कि जब तक आरोपी पक्ष एक बीघा जमीन मुआवजे के तौर पर नहीं देगा, तब तक न तो शव का पोस्टमार्टम होने दिया जाएगा और ना ही पुलिस को कोई कानूनी प्रक्रिया पूरी करने दी जाएगी।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन आरोपी के घर पर पुलिस बल की तैनातीकर दी गई है।
मृतक मासूम की पहचान वार्ड 01निवासी चंदन यादव के पुत्र दुर्लभ कुमार(4 बर्ष) के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार (22 जुलाई) के दोपहर दुर्लभ अपने घर के सामने सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान भेंगा धार की ओर से गांव के ही अरुण यादव का पुत्र छोटू कुमार तेज रफ्तार बाइक से मासूम को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर में बालक दुर्लभ गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सुपौल और फिरसुपौल से दरभंगा रेफर कर दिया गया। हालांकि, दरभंगा ले जाने के क्रम में रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।आक्रोशित परिजन बुधवार रात ही शव को लेकर आरोपी के घर पहुंचे और शब को वहीं रख दिया ।
मुआवजे की मांग पर अड़े है परिजन
परिजनों का कहना है कि दुर्लभ अपने माता-पिता का इकलौता वारिस था। करीब एक माह पूर्व ही दुर्लभ की मां उषा देवी का यूट्रस का बड़ा ऑपरेशन हुआ है, जिससे अब वह कभी दोबारा मां नहीं बन सकती हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी पक्ष जब तक एक बीघा जमीन का मुआवजा नहीं देता, तब तक शव को आरोपी के घर पर से नही हटाएंगे। 
दहशत में आरोपी का परिवार, घर छोड़करहुआ फरार
घटना के बाद से कथित आरोपी का पूरा परिवार डर से घर छोड़कर फरार हो गया है। घर पर केवल आरोपी के वृद्ध दादा परमेश्वरी यादव मौजूद हैं।
परमेश्वरी यादव ने बताया, मैंने घटना अपनी आंखों से नहीं देखी है। दुर्घटना के बाद बच्चे की मौत की खबर आई और फिर परिजन जबरन शव हमारे घर में रख गए। डर के कारण परिवार के सभी लोग भाग गए हैं, मैं अकेला बचा हूं। पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की थी, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हैं।
पिता के आने का हो रहा है इंतजार
मृतक बच्चे के पिता चंदन यादव दिल्ली में मजदूरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद वह गांव के लिए रवाना हो चुके हैं और उनके शुक्रवार शाम तक पहुंचने की संभावना है। पुलिस प्रशासन लगातार परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अडिग हैं।
कहते हैं थानाध्यक्ष
पुलिस मौके पर कैंप कर रही हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मृतक के पिता बाहर से आ रहे हैं। उनके घर पहुंचते ही बात करके मामला शांत कराया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, थानाध्यक्ष, त्रिवेणीगंज


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