फीचर्ड
भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण में सोनभद्र बना मिसाल, जिलाधिकारी की सतत मॉनिटरिंग से मिली बड़ी सफलता
परीक्षण, चकबंदी व उच्च न्यायालय के लंबित संदर्भ हुए शून्य, राजस्व न्यायालयों में भी लंबित मामलों में भारी कमी
सुशासन और प्रभावी कार्यशैली से प्रदेश में अलग पहचान बना रहा सोनभद्र प्रशासन
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
प्रदेश सरकार द्वारा 1 जून से 30 जून, 2026 तक राजस्व भूमि संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए चलाए गए विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद सोनभद्र ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के सतत निर्देशन, दैनिक मॉनिटरिंग एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के निस्तारण में जनपद ने प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
अभियान के दौरान जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा और जवाबदेही तय किए जाने का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि परीक्षण हेतु लंबित सभी संदर्भों का निस्तारण कर दिया गया है तथा वर्तमान में जनपद में परीक्षण हेतु लंबित संदर्भों की संख्या शून्य हो गई है।
इसी प्रकार चकबंदी न्यायालय में लंबित प्रकरणों का भी पूर्ण निस्तारण कर दिया गया है और वहां भी लंबित मामलों की संख्या शून्य हो गई है। माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी प्रभावी पैरवी एवं समन्वय के माध्यम से निस्तारण सुनिश्चित किया गया, जिससे उनकी संख्या भी शून्य पर पहुंच गई है। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घटकर मात्र 120 रह गई है, जबकि सिविल न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की संख्या घटकर केवल 22 रह गई है। यह उपलब्धि प्रशासन की सतत निगरानी, समयबद्ध कार्रवाई और राजस्व विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली का परिणाम है। अभियान के अंतर्गत पुनर्जीवित किए गए कुल 6,544 प्रकरणों में से अधिकांश का निस्तारण कर दिया गया है तथा अब केवल 580 प्रकरण लंबित हैं, जो मुख्य रूप से ओबरा एवं रॉबर्ट्सगंज तहसीलों से संबंधित हैं।
जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन शेष प्रकरणों का भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करते हुए अभियान की उपलब्धियों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के नेतृत्व में जनपद सोनभद्र ने राजस्व मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रशासन की निरंतर मॉनिटरिंग, समयबद्ध समीक्षा तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने से जनपद ने प्रदेश के अन्य जनपदों की तुलना में उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है, जो सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


Comments