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आपातकाल के 51 वर्ष होने पर मशाल जुलुस का हुआ आयोजन
समूचे राष्ट्र में अनचाही इमरजेंसी थोपने का कार्य उस समय की सरकार द्वारा किया गया था
बेतिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बेतिया के द्वारा आपातकाल के 51 वर्ष होने पर मशाल जुलुस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। नगर के शहीद पार्क से निकली मशाल यात्रा का समापन सोआ बाबू चौक पर हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र विरोधी ताकतें मुर्दाबाद, भारत माता की जय, आपातकाल थोपने वाली शक्तियां हो बर्बाद जैसे नारों को लगाया।
अभाविप पश्चिम चम्पारण के विभाग संयोजक अभिजीत राय ने बताया की यह वर्ष आपातकाल लगने का 51वां वर्ष है। वर्ष 1975 में तत्कालीन शासन व्यवस्था के एक निरंकुश फैसले ने समूचे लोकतान्त्रिक व्यवस्थाओं का गला घोंटने का कार्य किया था। यह दिन सामान्य मानवी के लिए संविधान द्वारा प्रदान किया गया मौलिक अधिकारों की दृष्टि से काला दिन था। समूचे राष्ट्र में अनचाही इमरजेंसी थोपने का कार्य उस समय की सरकार द्वारा किया गया था।
जिला संयोजक सितांशु दिब्याल व प्रांत कार्यकारिणी सदस्य शैलेश कुशवाहा ने बताया की आज विद्यार्थी परिषद बेतिया के कार्यकर्ताओं के द्वारा आपातकाल थोपने वाली शक्तियों के विरुद्ध एक प्रतिकार के तौर पर मशाल जुलुस निकाला गया जो इस बात का प्रतीक है की इस राष्ट्र में लोकतान्त्रिक मूल्य अक्षुण है। यह मशाल जुलुस इस बात की भी प्रतीक है की ज़ब ज़ब इस राष्ट्र में लोक विरोधी ताकतों का उदय होगा तब तब कोई वर्ग ऐसा भी होगा जो उस अन्याय के ऊपर प्रतिकार करने का कार्य करेगा।
मौके पर अभयानन्द, उत्कर्ष मिश्रा, रजनीश कुमार, प्रियेश गौतम, बाबुल नाथ, मधुरंजन तिवारी, प्रियेश गौतम, प्रियांशु, राजीव कुशवाहा, राजकुमार, अखिलेश कुमार, बबन कुमार, धीरज आदि अनेकों कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।


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