बीजपुर का ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बना शोपीस? कचरा उठान व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लाखों की लागत से बना केंद्र, लेकिन न गीला कचरा उठ रहा और न सूखा कचरा, ग्रामीणों में नाराजगी

राजेश तिवारी Picture
Published On

संतोष कुमार गुप्ता (संवाददाता) 

बीजपुर /सोनभद्र-

स्वच्छ भारत मिशन के तहत बीजपुर में निर्मित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (एसडब्ल्यूएम सेंटर) का उद्देश्य गांवों में गीले एवं सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करना था। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि केंद्र केवल दिखावे तक सीमित होकर रह गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र का भवन तो बन गया, लेकिन नियमित रूप से न तो घरों से गीला कचरा एकत्र किया जा रहा है और न ही सूखे कचरे के पृथक्करण एवं निस्तारण की कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई दे रही है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर तैयार किया गया यह ढांचा अपने उद्देश्य को पूरा करता नजर नहीं आ रहा।

हिंदुआरी में बनेगी आत्मनिर्भर वृहद गौशाला, डीएमएफ फंड से 1.60 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण Read More हिंदुआरी में बनेगी आत्मनिर्भर वृहद गौशाला, डीएमएफ फंड से 1.60 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

स्थानीय लोगों के अनुसार यदि कचरा संग्रहण और प्रबंधन की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित नहीं की गई तो यह केंद्र महज एक भवन बनकर रह जाएगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से व्यवस्था की समीक्षा कर नियमित कचरा उठान सुनिश्चित करने की मांग की है।

किसान दिवस में सीडीओ ने सुनी किसानों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिये निर्देश Read More किसान दिवस में सीडीओ ने सुनी किसानों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिये निर्देश

जनता ने किया सवाल

एनसीसी कैडेटों ने लिया सैन्य प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का अनुभव Read More एनसीसी कैडेटों ने लिया सैन्य प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीक का अनुभव

जब घर-घर से गीला और सूखा कचरा उठ ही नहीं रहा, तो फिर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को कब मिलेगा?भवन बनाना विकास नहीं, उसका संचालन और जनता को लाभ पहुंचाना ही वास्तविक विकास है।गीला कचरा न उठ रहा, सूखा कचरा न संभल रहा, लेकिन करोड़ों की योजनाओं के बीच ठेकेदार की मेहनत जरूर रंग लाई।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार