सुपौल में पुलिसिया लापरवाही की बलि चढ़ा युवक!

हाजत में लगाई फांसी या फाँसी का दिया रूप आक्रोशित परिजनों ने घेरा थाना, SH-91 जाम

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
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पटना ,स्वतंत्त्र प्रभात ,बिहार ब्यूरो

बिहार के सुपौल जिले से खाकी को शर्मसार और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ जदिया थाने की हाजत में बंद एक 24 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली या उसे फाँसी का रूप दिया गया यह चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना बुधवार  की सुबह की है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक के परिजनों और आमलोगों  का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने थाने का घेराव कर भारी हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ हत्या करने का आरोप लगाकर जमकर नारेबाजी की, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है।सुपौल में पुलिसिया लापरवाही की बलि चढ़ा युवक!

​कंबल की पट्टी से लगाई फांसी, पुलिस की मुस्तैदी पर उठे गंभीर सवाल
​मृतक युवक की पहचान जदिया थाना क्षेत्र के रजगांव (वार्ड संख्या-2) निवासी नंदन कुमार के 24 वर्षीय पुत्र बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस नेमृतक  बिट्टू को शराब के नशे में होने के आरोप में देर रात पकड़कर  हिरासत में लिया था और उसे थाने की हाजत में बंद कर दिया था।पुलिस का कहना  है कि बुधवार सुबह युवक ने हाजत के भीतर ही कंबल की पट्टी फाड़कर उससे फांसी लगा ली।इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा और हाजत की निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठता है कि जब कोई आरोपी हाजत में बंद होता है, तो संतरी या ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी क्या कर रहे थे? कंबल की पट्टी से फांसी लगाने के दौरान किसी की नजर युवक पर क्यों नहीं पड़ी? यह पुलिस की घोर लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करता है।सुपौल में पुलिसिया लापरवाही की बलि चढ़ा युवक!

​उग्र हुआ परिजनों का गुस्सा, SH-91 को किया जाम

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​जैसे ही इस बात की खबर बिट्टू के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों को मिली, सैकड़ों की संख्या में लोग जदिया थाना पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने युवक की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए थाने का घेराव कर दिया। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने जदिया थाने के सामने से गुजरने वाले राज्य राजमार्ग-91 (SH-91) को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

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​मौके पर पहुंचे सुपौल एसपी, निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा

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​मामले की गंभीरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक (SP) शरथ आरएस खुद भारी पुलिस बल के साथ जदिया थाना पहुंचे। एसपी ने आक्रोशित परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।लेकिन थानाध्यक्ष की भूमिका संदेह के घेरे में अवश्य है।सुपौल में पुलिसिया लापरवाही की बलि चढ़ा युवक!

​तनावपूर्ण माहौल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

​घटना के बाद से ही जदिया थाना क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक लिखित बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया था। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (फांसी या कोई अन्य वजह) की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। ​बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर बिहार में 'कस्टोडियल डेथ' (हिरासत में मौत) और पुलिस थानों के भीतर कैदियों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल कर रख दी है।

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