2023 में प्रधान ने दिया था पानी की समस्या खत्म का लिखित पत्र, आज भी बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण
नेमना ग्राम पंचायत में नमामि गंगे योजना पर उठे बड़े सवाल, कागजों में सब ठीक ठाक पर जमीनी हकीकत अलग
संतोष कुमार गुप्ता ( संवाददाता)
बीजपुर / सोनभद्र -
नेमना ग्राम पंचायत में नमामि गंगे एवं हर घर जल योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2023 को ग्राम प्रधान द्वारा विभाग को लिखित रूप से यह सूचना दी गई थी कि ग्राम पंचायत में अब किसी भी ग्रामीण को पानी की समस्या नहीं है और सभी घरों तक जलापूर्ति हो रही है।

लेकिन वर्तमान स्थिति इस दावे की पोल खोलती नजर आ रही है। गांव के कई मोहल्लों में आज भी नलों से पानी नहीं आ रहा और ग्रामीण पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में जल समस्या पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, तो आज भी लोग पानी के लिए परेशान क्यों हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पाइपलाइन और टंकी बनने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही। कई परिवार अब भी हैंडपंप और पुराने जलस्रोतों पर निर्भर हैं। गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होती जा रही है।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय रिकॉर्ड में योजना को सफल दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 2023 में जल समस्या खत्म का दावा किस आधार पर किया गया था? क्या सिर्फ कागजों में गांव को हर घर जल घोषित कर दिया गया? यह सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।बड़ा सवाल क्या उच्च अधिकारी इसकी जाँच किए है किए है तो ये हालत क्यों जनता पानी के लिए परेशान क्यों?


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