अखिलेश यादव ने राजकुमार भाटी की लगाई क्लास,।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं.

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स्वतंत्र प्रभात
 
ब्यूरो प्रयागराज 
 
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी की ब्राह्मणों पर की गई टिप्पणी पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. प्रदेशभर में ब्राह्मण समाज के नेता राजकुमार भाटी पर निशाना साध रहे हैं. उनके निशाने पर सपा मुखिया अखिलेश यादव भी हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजकुमार भाटी को पार्टी से बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की जा रही है.
समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण नेता भी राजकुमार भाटी के बयान को लेकर खफा हैं. उन्होंने अखिलेश यादव से शिकायत भी की है. रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी को तलब किया. प्रदेश मुख्यालय राजकुमार भाटी की क्लास लगाई.
अखिलेश यादव ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि वे सामाजिक सद्भाव का आचरण करें. अपनी भाषा और व्यवहार में संतुलन और संयम बरतें. ऐसी कोई बात न करें जिससे अपने को अपमानित या आहत महसूस करे. उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र को बचाकर ही सामाजिक न्याय के राज की स्थापना की जा सकती है. इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी को एकजुट रहना होगा.
 
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सामाजिक नीति में सबका सम्मान निहित है. पीडीए समाज सभी वर्गों-पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक के अलावा पीड़ित अगड़े-पिछड़े, आधी आबादी महिला को अपने से जोड़ती है. पीडीए सामाजिक न्याय की लड़ाई का भी प्रभावी माध्यम है. पीडीए की एकता से ही 2027 में भाजपा को सत्ता से हटाया जा सकेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकेगा.
अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में दिनदहाड़े लुटते ‘सुनारों की सुरक्षा’ की समस्या अभी सुलझी नहीं थी कि तब तक ‘सोनाबंदी’ का व्यापार-चौपट करने वाला आह्वान आ गया और फिर ‘सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी ढाई गुना बढ़ाने का फ़रमान’. ज़ेवरात-गहनों के व्यापार में बड़ी कंपनियों के आ जाने से ये छोटे सुनार वैसे ही कम्पटीशन नहीं कर पा रहे थे, अब उन्हें लग रहा है कि शायद बड़ी कंपनियों से एकमुश्त कमीशन लेने के चक्कर में ही भाजपाइयों ने युद्ध के बहाने, सोनाबंदी की बात की है.
 

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