संतों का विचार है कि भारत सनातन राष्ट्र हों--महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव

धर्म को धारण करना सीखिए धर्म कोई पढ़ने का वस्तु नहीं है

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नैनी, प्रयागराज। मिश्री मठ महादेव हरिद्वार के तृतीय महाधिपति महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव महाराज का आगमन  पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्माण  मुट्ठीगंज के प्रांगण में हुआ उनके आगमन पर स्थानीय व्यापारियों ने एवं अखाड़ा के संतों ने  पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत किया इस अवसर श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन निर्वाण के सचिव महंत जगतार मुनी और श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव महंत देवेंद्र शास्त्री जी ने उन्हें अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया।
 
इस अवसर पर महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु करौली शंकर महादेव महाराज ने उपस्थित संतों और व्यापारी एवं नागरिकों को संदेश देते हुए कहा कि धर्म को धारण करना सीखिए धर्म कोई पढ़ने का वस्तु नहीं है स्वयं के अंदर धर्म को धारण करो तभी जीवन में आंतरिक शांति प्राप्त होगी। 
 
उन्होंने कहा आडंबरों से बचे और वैदिक सनातन परंपरा को अपनाएं तभी आपके अंदर वास्तविक धर्म का जागरण होगा 
उन्होंने आगे कहा कि धर्म समस्या नहीं समाधान है धर्म से ही संपूर्ण विश्व में शांति प्राप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमारे कानपुर के आश्रम में लाखों की संख्या में साधक वैदिक परंपरा की ज्ञान को लेकर साधना कर रहे हैं आने वाले समय में मनुष्य को बड़े से बड़े रोगों से मुक्त करेंगे। और आगे कहा कि भारत के अंदर हिंदू राष्ट्र की मांग चल रही है जबकि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है जबकि संतों का विचार है कि भारत सनातन राष्ट्र घोषित हो। 
 
और आगे कहा कि हमें हमारा राम मंदिर तो मिल गया यह खुशी की बात है लेकिन हमें कृष्ण जन्मभूमि भी चाहिए काशी विश्वनाथ भी चाहिए । और वंदे मातरम गीत नहीं बल्कि भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा है । और जिन्हें भारत में रहकर वंदे मातरम स्वीकार नहीं और विरोध करते हैं उन्हें मताधिकार से वंचित कर देना चाहिए  स्वागत करने वालों में नया उदासीन अखाड़े के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी राजेश केसरवानी, व्यापारी नेता संतोष अग्रहरि, अभिलाष केसरवानी, संदीप अग्रहरि, सुशील चंद्र गुप्ता, उमेश चन्द्र केसरवानी दादा, एवं अखाड़े के संत स्थानीय नागरिक, एवं व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।

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